अमेरिका के वेस्ट वर्जीनिया प्रांत के एक छोटे शहर की मेयर रह चुकी बेवर्ली व्हेलिंग एक फेसबुक पोस्ट के बाद लोगों के निशाने पर आईं. विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में मिशेल ओबामा पर टिप्पणी की. क्ले काउंटी डेवेलपमेंट कॉर्प की डायरेक्टर पैमेला रामसे ने डॉनल्ड ट्रंप की जीत पर खुशी का इजहार करते हुए मिशेल ओबामा पर तंज कसा, "व्हाइट हाउस में फर्स्ट लेडी के रूप में एक क्लासी, खूबसूरत और गौरवशाली प्रथम महिला को देखना ताजगी भरा होगा. मैं लंगूर को हील्स में देखते देखते थक चुकी हूं."
इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए पूर्व मेयर व्हेलिंग ने लिखा, "तुमने मेरा दिन जबरदस्त बना दिया पैम."
अमेरिकी ग्रैंड जूरी ने निहत्थे अश्वेत युवक को गोली मारने के आरोपी श्वेत पुलिस अफसर पर अभियोग नहीं चलाने का फैसला किया है. इस घोषणा के बाद फर्ग्यूसन में दंगे फैल गए हैं और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन भड़क गए हैं.
तस्वीर: Reuters/Jim Youngप्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों पर बोतलों और ईंटों से हमला कर दिया. कई कारें आग की लपटों में घिर गईं.
तस्वीर: Reuters/Jim Youngसिर्फ फर्ग्यूसन ही नहीं करीब के सैंट लुईस में भी इमारतों में आग लगा दी गई.
तस्वीर: Reuters/Jim Youngदुकानों और कई रेस्तरां में लोगों ने लूटपाट मचाने के बाद कुछ में आग लगा दी.
तस्वीर: Reuters/Adrees Latifविरोध प्रदर्शन में नकाबपोश प्रदर्शनकारी माइकल ब्राउन के लिए इंसाफ की मांग करते हुए.
तस्वीर: Reuters/Adrees Latifकई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने दंगाइयों को लूटपाट से रोकने की भी कोशिश की.
तस्वीर: Reuters/Adrees Latifदो युवक दीवार पर नारा लिखते हुए. "इंसाफ के बिना शांति नहीं होगी."
तस्वीर: Reuters/S. Lamराजधानी वॉशिंगटन में लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपने गुस्से का इजहार किया. उन्होंने पुलिसकर्मी डैरेन विल्सन की आलोचना की जिन्होंने माइकल ब्राउन को गोली मारी थी.
तस्वीर: Reuters/Joshua Roberts"अश्वेत की जिंदगी महत्व रखती है" वाले पोस्टर के साथ विरोध करता हुआ शख्स. एक श्वेत पुलिसकर्मी अश्वेत किशोर की गोली मारकर हत्या कर देता है और उसे सजा भी नहीं होती है. कई लोगों को लगता है कि यह नस्लवाद है.
तस्वीर: Reuters/Brian Snyder फेसबुक पोस्ट शेयर होते ही हंगामा मचने लगा. दबाव बढ़ने के बाद रामसे को पद से बर्खास्त कर दिया गया. वहीं मेयर बेवर्ली व्हेलिंग को इस्तीफा देना पड़ा. लेकिन टिप्पणियों से एक बार फिर साफ हुआ है कि अमेरिकी समाज में रंगभेद आज भी किस हद तक मौजूद है.
क्ले टाउन काउंसिल मेम्बर जेसन हब्बर्ड ने बेहद आपत्तिजनक और बुरी टिप्पणी के लिए मिशेल ओबामा और बाकी लोगों से माफी मांगी है. वहीं व्हेलिंग ने अपने कमेंट पर सफाई दी है. व्हेलिंग ने कहा, "मैंने वो बात व्हाइट हाउस में हुए बदलाव के संदर्भ में कही. इसके चलते अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है तो मैं तहेदिल से माफी मांगती हूं."
वेस्ट वर्जीनिया प्रांत की डेमोक्रैटिक पार्टी की अध्यक्ष बेलिंडा बेफोर ने भी मिशेल ओबामा से माफी मांगी. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा डेमोक्रैटिक पार्टी के नेता है.
अमेरिका में आठ नवंबर को हुए चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के नेता डॉनल्ड ट्रंप की जीत हुई. अपने चुनाव अभियान के दौरान कई बार ट्रंप ने नस्ली तंज कसे. गोरे रंग को बेहतर मानने वाले नस्लीय गुटों ने भी उनका समर्थन किया. ट्रंप की जीत के बाद अमेरिकी अप्रवासियों के मन में बढ़ते नस्लवाद को लेकर उथल पुथल है.
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा तक हर क्षेत्र में ऐसे लोग हैं जो जीवन में कभी न कभी नस्लभेदी टिप्पणियों का शिकार हुए हैं. इनमें क्रिकेट और फुटबॉल के खिलाड़ी भी शामिल हैं.
तस्वीर: picture-alliance/dpaअगस्त 2009 में न्यूयॉर्क के लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शाहरुख खान को उनके नाम के कारण रोक लिया गया. उनका नाम कंप्यूटर में अलर्ट लिस्ट में आ गया था.
तस्वीर: STRDEL/AFP/GettyImagesभारतीय मूल की नीना दावुलुरी को 2013 में जब मिस अमेरिका का खिताब मिला तो कई लोगों ने हिंदू धर्म को मानने वाली नीना को अरब आतंकवादियों जैसी दिखने वाली बताया. ट्वीटर के एक यूजर कार्ल शैरो ने कहा, "अल कायदा ने उदारवादी जजों को प्रभावित कर दिया."
तस्वीर: picture-alliance/dpa2008 में बिग ब्रदर के दौरान जेड गुडी ने शिल्पा शेट्टी का इंडियन करी कह कर मजाक उड़ाया. इस टिप्पणी पर काफी हंगामा हुआ और जेड गुडी को माफी मांगनी पड़ी.
तस्वीर: APप्रियंका चोपड़ा ने कहा था कि उन्हें बॉस्टन में पढ़ाई के दौरान नस्लभेदी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा. उनके साथी छात्र उन्हें अक्सर ब्राउनी कहते थे.
तस्वीर: Getty Images/AFPअमेरिकी राष्ट्रपति बनने से पहले बराक ओबामा अमेरिकी सड़कों पर एक सामान्य अश्वेत व्यक्ति थे. उन्होंने आत्मकथा 'द ऑडेसिटी ऑफ होप' में लिखा है कि कैसे शॉपिंग के दौरान दुकानों में चौकीदार उनके पीछे घूमते थे.
तस्वीर: Reuters/G. Cameron2008 में सिडनी टेस्ट में एंड्रयू साइमंड्स ने आरोप लगाया था कि हरभजन सिंह ने उन्हें "मंकी" कहा जिसके बाद मैच रेफरी माइक प्रॉक्टर ने हरभजन पर तीन मैच की पाबंदी लगाई.
तस्वीर: AP ओएसजे/आरपी (एपी,एएफपी)