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अपराधअफ्रीका

कब बंद होंगी नाइजीरिया की बेबी फैक्ट्रियां

७ दिसम्बर २०२०

महिलाओं का अपहरण, फिर उनसे बलात्कार और उसके बाद शिशुओं को बेचना. नाइजीरिया में बेबी फैक्ट्रियां इसी तरह काम करती हैं.

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रेस्क्यू की गई एक महिलातस्वीर: DW/E. Burrows

दक्षिण पश्चिमी नाइजीरिया के मोवे इलाके में छापेमारी के दौरान पुलिस को छह महिलाएं और चार बच्चे मिले. इन सभी को कैद में रखा गया था. पुलिस प्रवक्ता अबिमबोला ओयेयेमी ने समचार एजेंसी एएफपी से कहा, "मुखबिर से सूचना मिलने के बाद हमारे लोग गैरकानूनी प्रसव केंद्र में घुसे और 10 लोगों को रेस्क्यू किया."

छुड़ाई गई छह महिलाओं में से चार गर्भवती हैं. महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्हें जबरन कैद किया गया. उनसे बलात्कार किया गया और फिर उनके नवजात शिशुओं को ब्लैक मार्केट में बेच दिया गया.

गैरकानूनी कामों के लिए शिशुओं की बिक्री

ऐसी तथाकथित बेबी फैक्ट्री में पैदा होने वाले बच्चों को आम तौर पर बाल मजदूरी, सेक्स वर्क या नर बलि के लिए बेचा जाता है. पुलिस द्वारा छुड़ाई गई एक महिला ने पत्रकारों से कहा कि नवजात लड़के को ढाई लाख नाइरा और लड़कियों को दो लाख नाइरा में बेचा जाता है.

पुलिस ने दो लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार भी किया है. मुख्य आरोपी फरार है.

ऐसी बेबी फैक्ट्रियां आम तौर पर खुद को अनाथालय, मैटरनिटी होम और धार्मिक केंद्रों की तरह पेश करती हैं. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन गैरकानूनी बेबी फैक्ट्रियों में बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं.

गुलामी में फंसी हजारों नाइजीरियाई महिलाएं और लड़कियां

गिरफ्तारी के बाद भी कई आरोपी बच निकलते हैं. पुलिस प्रवक्ता अबिमबोला ओयेयेमी के मुताबिक,"एक महिला इस साल की शुरुआत में ही मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार की गई, उस पर मुकदमा भी चल रहा है लेकिन उसे जमानत मिल गई और वह फिर से यही काम करने लगी."

कितनी गंभीर है नाइजीरिया में महिलाओं की स्थिति

नाइजीरिया में लड़कियों के अपहरण के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक संगठन की तसित्सी माटेकायरा के मुताबिक, उनके देश में कई साल से बेबी फैक्ट्रियां चल रही हैं. माटेकायरा कहती हैं कि 2006 में पहली बार यूनेस्को ने पहला ऐसा मामला दर्ज किया था. तब से करीबन हर साल दक्षिणी नाइजीरिया में ऐसी बेबी फैक्ट्रियों के नए नए मामले सामने आते रहते हैं.  2011 में ऐसी बेबी फैक्ट्रियों ने 49 गर्भवती महिलाओं को रेस्क्यू किया गया. 2013 और 2015 में भी कुल 13 बेबी फैक्ट्रियां पुलिस के रडार में आईं.

नाइजीरिया को अफ्रीका में मानव तस्करी का स्रोत भी कहा जाता है. देश के ग्रामीण इलाकों से महिलाओं और बच्चों को बहला फुसलाकर अगवा किया जाता है. और फिर उन्हें गैबॉन, कैमरून, घाना, चाड, बेनिन, टोगो, नाइजर, बुर्किना फासा और गाम्बिया जैसे देशों में बेचा जाता है. नाइजीरिया की महिलाओं को जबरन देह व्यापार के लिए इटली, रूस और मध्य पूर्व एशिया के देशों तक भी पहुंचाया जाता है.

जबरन देह व्यापार में झोंकी जाती नाइजीरियाई महिलाएंतस्वीर: AFP/P. Utomi Epkei

चिबोक गर्ल्स

नाइजीरिया में होने वाले ये अपराध किस हद तक जा सकते हैं, इसका पता दुनिया को अप्रैल 2014 में चला. तब आतंकवादी संगठन बोको हराम ने चिबोक शहर के एक स्कूल से 276 लड़कियों को अगवा कर लिया. अगवा की गई ज्यादातर लड़कियों से बलात्कार भी किया गया. 2016 में 50 गर्भवती छात्राओं को रिहा करने के बदले बोको हराम ने अपने सदस्यों की जेल से रिहाई की मांग भी की.

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा समेत कई दिग्गज हस्तियों के अभियान छेड़ने के बाद हुई सैन्य कार्रवाई में ज्यादातर लड़कियों को आजाद कराया गया.

ओएसजे/एके (एएफपी)

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