फिलीपींस के नेग्रोस और केबू द्वीपों के बीच तानोन जलडमरूमध्य है. यह करीब 20 साल से संरक्षित समुद्री क्षेत्र है. मछुआरा अंसिल सिल्वा घोंघे की खेती कर चार लोगों के परिवार का पालन पोषण करता है. उन्हें खुशी है कि पानी साफ है. वह कहते हैं, “मेरे लिए इसका संरक्षण बहुत ही जरूरी है क्योंकि इसी से हमारी रोजीरोटी चलती है. इसलिए इसकी गारंटी करना जरूरी है कि हमारे कोरल नष्ट न हों.”
तानोन में समुद्र का तल अपने जीव जंतुओं को प्रचुर आहार देता है. घोंघों को भी. 160 किलोमीटर के समुद्री रास्ते से होकर व्हेल और डॉल्फीन मछलियां भी गुजरती हैं. खासकर गर्मियों की शुरुआत में. इस बार तो 14 प्रजातियों को देखा गया. उन्हें बचाने के लिए धन चाहिए. बहुत सारा. उसे इकट्टा करना अनाबेल प्लानटिला का काम है. वह बायोफिन संगठन के लिए काम करती है जो सरकारों की पर्यावरण सुरक्षा के लिए धन जुगाड़ करने में मदद करती है. अनाबेल प्लानटिला बताती हैं, “हर किसी को जैव विविधता के संरक्षण में शामिल होना चाहिए. हमने सरकारी बजट को देखा तो पाया कि उसमें पर्यावरण संरक्षण की बहुत सारी संभावनाएं हैं. सरकारी एजेंसियां आपस में और ज्यादा सहयोग कर पाएंगी.”
खोत द्वीप की खूबसूरती
प्रशांत सागर में बसा ऑनतोंग जावा द्वीप जलवायु परिवर्तन के मोर्चे पर है. ऊंची उठती लहरें और नियमित तूफान इस द्वीप के अस्तित्व पर संकट पैदा कर रहे हैं. लोग अपनी मातृभूमि खोने का खतरा झेल रहे हैं.
तस्वीर: Displacement Solutions/Beni Knightऑनतोंग जावा सिर्फ 12 वर्ग किलोमीटर बड़ा है जिसकी जमीन समुद्र स्तर से केवल 3 मीटर ऊंची है. सोलोमन द्वीप से 500 किलोमीटर दूर बसे इस द्वीप के चारों ओर पश्चिमी प्रशांत सागर की गहराइयां हैं. यहां के लोग हमेशा ही लहरों और तूफान के साये में जिए हैं लेकिन मुश्किलें बढ़ रही हैं.
तस्वीर: Displacement Solutions/Beni Knightयह द्वीप सैकड़ों सालों से बसा है. पोलीनेशिया के लोग इस द्वीप पर 2000 साल पहले बसे. सदियों पुराने नृत्य ताकतवर प्राकृतिक शक्तियों की कथा कहते हैं. ये नृत्य स्थानीय संस्कृति का अहम हिस्सा तो हैं ही, वे स्थानीय आबादी की पहचान का भी अभिन्न अंग हैं.
तस्वीर: Displacement Solutions /Beni Knightपरंपरागत रूप से घर नारियल और पंडाना के पेड़ों से बनाए जाते हैं. आजकल इन झोपड़ियों में सौर ऊर्जा की मदद से आधुनिक रोशनी की जाती है. इस द्वीप के दुनिया से कटे होने का एक फायदा यह भी है कि रात के आसमान का अंधेरा पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त दिखता है.
तस्वीर: Displacement Solutions/Beni Knightयदि समुद्र स्तर का बढ़ना जारी रहता है तो जल्द ही यह द्वीप समुद्र में डूब जाएगा. 8 वर्षीय विल्सन आयुंगा जैसे ऑनतोंग जावा के बच्चों के लिए इस द्वीप को छोड़कर कहीं और ऊंची जगह पर बसने के अलावा और कोई चारा नहीं होगा. लोगों को डर है कि उनकी जन्मभूमि छिन जाएगी.
तस्वीर: Displacement Solutions /Beni Knightलुआनिउआ की अनछुई खूबसूरती ऊपर से साफ दिखती है. यह ऑनतोंग जावा के उन दो द्वीपों में शामिल है जहां लोग रहते हैं. ताड़ के इन खूबसूरत पेड़ों के पीछे एक प्रतिबद्ध सरकार की कमी दिखती है. ऑनतोंग जावा सोलोमन द्वीप समूह का हिस्सा है, लेकिन नागरिक सुविधाओं के अभाव में समस्याएं पैदा हो रही हैं.
तस्वीर: Displacement Solutions /Beni Knightऑनतोंग जावा के लोगों को जलवायु परिवर्तन के नतीजे साफ होने लगे हैं. समुद्र का जलस्तर बढ़ने की वजह से हेनुआ आइकू द्वीप दो हिस्सों में बंटने लगा है. समुद्र का पानी द्वीप के बीच से घुसने लगा है और उसने खाद्य सुरक्षा और भूस्खलन की समस्या सबके सामने ला दी है.
तस्वीर: Displacement Solutions/Beni Knightसमुद्री जलस्तर बढ़ने से द्वीप के हिस्से डूब रहे हैं. उनसे होने वाले नुकसान के अलावा जलवायु परिवर्तन के कारण तेज हवाओं और कभी भी आने वाले तूफानों का खतरा बढ़ गया है. ये द्वीप के तटीय इलाकों के अलावा वहां बसे गांवों को भी खतरे में डाल रहे हैं.
तस्वीर: Displacement Solutions /Beni Knightसमुद्र का पानी द्वीप पर घुसने का एक नुकसान यह भी हो रहा है कि वह जमीन को खराब कर रहा है. मिट्टी के धूसर होने के कारण खेती ठीक से नहीं हो रही है. पैट्रन लालियाना का तारो गार्डन धरती की उर्वरा शक्ति कम होने के कारण उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है.
तस्वीर: Displacement Solutions/Beni Knightसैरा अबोरा ने अपनी सारी जिंदगी ऑनतोंग जावा पर बिताई है. उन्हें वह समय भी याद है जब द्वीप पर आज जहां गांव है वहां झाड़ियां हुआ करती थी. उन्हें यह भी याद है कि पहले जहां लोग रहा करते थे, वह जगह इस बीच पानी में डूब चुकी है. पानी के बढ़ने से गांव छोटा हो गया है.
तस्वीर: Displacement Solutions /Beni Knightऑनतोंग जावा के लोगों के लिए समुद्री जलस्तर बढ़ने के खतरों के सबूत द्वीप पर हर कहीं दिखते हैं. आज जहां सफेद रेत दिखती है, वहां कभी सुंदर रमणीक गांव हुआ करता था. बढ़ते समुद्री पानी ने 40 घरों और एक कब्रगाह को लील लिया है.
तस्वीर: Displacement Solutions/Beni Knightऑनतोंग जावा के लोगों को पता नहीं कि अपनी धरती के बिना वे अपनी संस्कृति कैसे बचा पाएंगे. अपने द्वीप को छोड़ना उनके लिए पहचान खोने जैसा है. लेकिन जैसे जैसे जलवायु परिवर्तन के नतीजे लोगों को विस्थापित करने का खतरा पैदा कर रहे हैं ऑनतोंग जावा की संस्कृति का भविष्य धूमिल हो रहा है.
तस्वीर: Displacement Solutions/Beni Knightऑनतोंग जावा से लोगों के विस्थापन की संभावना बढ़ती जा रही है, लेकिन अभी भी लोग आशावान हैं कि वे अपनी परंपरागत भूमि पर रह सकेंगे. वह भूमि जिसने उन्हें 2000 साल से पनाह दी है और खुशहाली में जिंदा रखा है.
तस्वीर: Displacement Solutions /Beni Knight
मसलन अधिक रेंजरों की भर्ती के लिए धन चाहिए. इस समय इस समुद्र की निगरानी के लिए सिर्फ 3 नावें हैं. इस इलाके में अवैध रूप से डायनामाइट की मदद से शिकार किया जाता है. समुद्र तल में कोई जीव बाकी नहीं बचता. रेंजर जितना हो सके नुकसान की भरपाई करने की कोशिश करते हैं. वे कोरल ब्रीड करते हैं और उसे नष्ट हुई जगह में लगाते हैं. अच्छा तो यह होता कि डायनामाइट से मछली मारने पर ही रोक लगाई जा सकती. लेकिन उसके लिए और रेंजरों की जरूरत होगी. जो हैं उनके पास पर्याप्त साज सामान भी नहीं है. रेंजर लियोनिटो टोरेस बताते हैं, “हमें तो धमकियां मिलने लगती हैं जह बम अवैध मछुआरों की रिपोर्ट करते हैं. वे हमें जान से मारने की धमकी देते हैं. ऐसा नियमित तौर पर होता है.”
लेकिन सवाल यह भी है कि मछुआरों की जिंदगी का क्या होगा. कुछ विकल्प तैयार किए जा रहे हैं जैसे कि तानोन से कुछ किलोमीटर दूर समुद्रतट के दूसरे हिस्से में समुद्री घास उगाई जाती है. इसे सुखाकर बेचा जाता है. इसका प्रेजर्वेटिव के रूप में इस्तेमाल होता है. ओकियोट गांव के निवासियों ने घास उपजाने के लिए एक सहकारी संस्था बना ली है. लेकिन इस बार फसल अच्छी नहीं हुई. किसानों का कहना है कि बहुत गर्मी थी. ओकियोट सहकारिता की गेमा लीगो बताती हैं, “पहले हम 1000 क्यारियां समुद्री घास काटते थे. अगर हर क्यारी से एक किलो मिले तो 1000 किलो समुद्री घास. किलो के 75 सेंट के हिसाब से इससे 750 यूरो की आमदनी हुई. अब सिर्फ आधी कमाई हुई जो काफी नहीं है.”
कैसे हो सागर की सफाई
तैरने के लिए गंदे हो चुके बाल्टिक सागर की सफाई के लिए अब बातचीत हो रही है. बाल्टिक सागर पर बसे देशों के पर्यावरण मंत्री इसके लिए योजना बना रहे हैं.
तस्वीर: picture-alliance/Arcoकोपेनहेगन की जलपरी के पास बाल्टिक सागर के देशों के मेहमान आ रहे हैं. वे डेनमार्क की राजधानी में मिलजुलकर बाल्टिक सागर को साफ करने की मुहिम को हरी झंडी दिखाएंगे.
तस्वीर: picture-alliance/Arcoग्दांस्क खाड़ी में 2010 की गर्मियों में इतनी काई जम गई कि उसका फैलाव जर्मनी जितना हो गया और सैटेलाइट से भी साफ दिखाई देने लगा. ये साइनोबैक्टीरिया जहर पैदा करते हैं जो मछलियों, छोटे समुद्री जीवों और इंसानों के लिए भी घातक हैं.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/ESAसाइनोबैक्टीरिया तब पैदा होते हैं जब पानी में पर्याप्त पोषक तत्व हों और गर्मियां भी काफी हों. किसान बहुत ज्यादा खाद का इस्तेमाल करें, तो बारिश के पानी में घुलकर नाले और नदी से होता हुआ नाइट्रेट और फॉस्फेट बाल्टिक सागर में पहुंचता है.
तस्वीर: picture alliance/ZBपहले वॉशिंग मशीन के कारण काफी फॉस्फेट जमीन में जाता था. आज जर्मनी में कपड़े धोने के सभी साबुन फॉस्फेट फ्री हैं, उनकी जगह कम नुकसानदेह तत्वों ने ले ली है. लेकिन बर्तन धोने की मशीन के लिए बिना फॉस्फेट वाला साबुन नहीं बना है.
तस्वीर: Fotolia/lightpoetआधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के बिना साफ बाल्टिक सागर की कल्पना नहीं की जा सकती. स्टाफेनहागेन का यह प्लांट मेक्लेनबुर्ग वेस्ट पोमेरेनिया का दूसरा सबसे बड़ा ट्रीटमेंट प्लांट है. यह ढाई लाख लोगों और तीन कारखानों का गंदा पानी साफ करता है.
तस्वीर: picture-alliance/dpaप्लास्टिक की थैलियां, तेल, मरे हुए जानवर भी समंदर के लिए उतने ही नुकसानदेह हैं जितने डायोक्सीन और अधजले कचरे. इसलिए ब्रुंसबुटेल के इस अत्याधुनिक प्लांट जैसे कचरा जलाने वाले प्लांट की जरूरत है जहां कचरे को सुरक्षित रूप नष्ट किया जा सके.
तस्वीर: SAVA/ Remondisबड़े समंदरों की तुलना में बाल्टिक में जहाजों के लिए कड़े नियम हैं. यहां के लिए कप्तानों को कम सल्फर वाला हल्का डीजल भरना अनिवार्य है. अशुद्ध भारी कच्चे तेल के इस्तेमाल पर यहां रोक है. कुछ जहाज तो यहां तरल गैस से चलते हैं.
तस्वीर: picture-alliance/dpaबाल्टिक सागर के सफाई अभियान का आपात स्थिति की तैयारी भी जरूरी हिस्सा है. पर्यावरण संरक्षण की सारी कोशिशों के बावजूद दुर्घटना तो कभी भी हो सकती है. यहां तकनीकी कर्मचारी तेल को रोकने और समुद्र तट को साफ करने का अभ्यास कर रहे हैं.
तस्वीर: picture-alliance/dpaभारी सर्दियों में जहाज के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बहुत बड़ा होता है. इस दौरान बाल्टिक सागर में बर्फ की इतनी तह जमी होती है कि वैसे ही यहां से बहुत कम जहाज गुजरते हैं. इसके लिए बर्फ तोड़ने वाले जहाज को रास्ता बनाना पड़ता है.
तस्वीर: dapdयह केंकड़ा चीन से आया है. लेकिन वह यहां अपनी संख्या नहीं बढ़ा सकता क्योंकि यहां के पानी में नमक काफी नहीं है. यह कभी किसी जहाज के साथ इस समंदर में आ गया. अब जहाजों को यहां आने से पहले अपना पानी बदलना होगा.
तस्वीर: Jan Schillingकई साल तक बाल्टिक सागर को कूड़ेदान की तरह इस्तेमाल किया गया. दो विश्वयुद्धों के बाद यहां तल पर करीब तीन लाख टन हथियार पड़े हैं. जैसे कि यह बम जिसे 2006 में रुगेन द्वीप पर उड़ा दिया गया. यहां पड़े रासायनिक हथियार और खतरनाक हैं.
तस्वीर: picture-alliance/dpaबाल्टिक सागर को साफ होने में काफी समय लगेगा. लेकिन इलाके के नागरिक संरक्षण के हर कदम के लिए शुक्रगुजार हैं.
तस्वीर: picture-alliance/dpa
किसान अब घास उपजाने की दूसरी विधियां तलाश रहे हैं. लेकिन फिर भी उन्हें आमदनी के लिए मछली भी पकड़नी होगी. लेकिन बिना डायनामाइट के.
पर्यटन से कमाई हो सकती है. डॉल्फिन कमाई का आकर्षक जरिया हो सकती हैं. लेकिन टूर ऑपरेटर्स को मछलियों से दूरी बनाकर रखनी होगी. यह अपने आप में एक बड़ी जिम्मेदारी है. और जब तक यह नहीं हो जाता, तानोन में विनाश जारी रहेगा.
मारियोन ह्यूटर