रूस को अब भी तेल और गैस सेक्टर से फायदा हो रहा है लेकिन देश की अर्थव्यवस्था बड़ी ढांचागत समस्याओं से जूझ रही है. रूस को अगर ग्लोबल प्लेयर बनना है तो अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाना होगा.
11 मार्च 1990 को लिथुएनिया ने सोवियत संघ से अलग होने का एलान किया. सोवियत संघ ने ताकत से इसे दबाने की कोशिश की, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया. इसके बाद हुए बड़े जनविद्रोहों ने सोवियत संघ को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया.