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विज्ञानऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने खोजा दुनिया का सबसे बड़ा पौधा

विवेक कुमार
१ जून २०२२

ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने एक पौधा खोजा है, जो दुनिया का सबसे बड़ा पौधा बताया जा रहा है. इस पौधे का आकार न्यूयॉर्क के मैनहटन इलाके से तीन गुना बड़ा है. कैसे हुई यह खोज?

सबसे बड़ा पौधा
सबसे बड़ा पौधातस्वीर: Rachel Austin/UWA School of Biological Science

वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी और फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि पानी के नीचे फैला घास दरअसल एक ही पौधा है. यह पौधा लगभग 4,500 साल पहले एक ही बीज से उगा था. यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि यह समुद्री घास 200 वर्ग किलोमीटर में फैली है.

वैज्ञानिकोंको इस पौधे का पता एक संयोग से चला. पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के शहर पर्थ से 800 किलोमीटर दूर शार्क बे में यह पौधा मिला है. वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता वहां रिबन वीड नामक एक प्रजाति की जेनेटिक विविधता को समझने गए थे. रिबन वीड ऑस्ट्रेलिया के तट पर आम तौर पर मिलने वाली घास है.

कैसे हुई खोज?

शोधकर्ताओं ने पूरी खाड़ी से नमूने जुटाए और 18,000 जेनेटिक मार्कर्स का अध्ययन किया ताकि हर नमूने का एक ‘फिंगरप्रिंट' तैयार किया जा सके. दरअसल, वे ये जानना चाह रहे थे कि कितने पौधे मिलकर समुद्री घास का पूरा मैदान तैयार करते हैं.

ऑस्ट्रेलिया के शार्क में हुआ अध्ययनतस्वीर: Rachel Austin/UWA School of Biological Science

यह शोध प्रोसीडिंग्स ऑफ द रॉयल सोसाइटी बी में प्रकाशित हुआ है. मुख्य शोधकर्ता जेन एडगेलो कहती हैं, "हमारे सवाल का जो जवाब हमें मिला, उससे तो हमारे होश उड़ गए. वहां सिर्फ एक पौधा था. शार्क बे में सिर्फ एक ही पौधा 180 किलोमीटर लंबा था. यह पृथ्वी पर अब तक ज्ञात सबसे बड़ा पौधा है.”

क्यों विशेष है पौधा?

वैज्ञानिक कहते हैं कि यह अद्भुत पौधा है, जो पूरी खाड़ी में अलग-अलग परिस्थितियों में भी उगा हुआ है. शोधकर्ताओं में शामिल डॉ. एलिजाबेथ सिंकलेयर कहती हैं कि अपने आकार के अतिरिक्त जो बात इस पौधे को विशेष बनाती है, वो है इसकी मुश्किल हालात में भी जिंदा रहने की क्षमता.

विश्व धरोहर है शार्क बेतस्वीर: Angela Rossen/UWA School of Biological Science

डॉ. सिंकलेयर वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी के ओशंस इंस्टिट्यूट में इवॉलन्यूशनरी बायोलॉजी पढ़ाती हैं और इस शोध की वरिष्ठ लेखिका हैं. उन्होंने कहा, "बिना फूलों के खिले और बीजों का उत्पादन हुए भी, यह पौधा बहुत मजबूत प्रतीत होता है. यह अलग-अलग तापमान और अत्याधिक प्रकाश जैसे हालात को भी झेल रहा है, जो ज्यादातर पौधों के लिए बहुत मुश्किल होता है.”

वैज्ञानिकों ने चांद की मिट्टी में उगा दिए पौधे

शोधकर्ता अब शार्क बे में कई प्रयोग कर रहे हैं ताकि इस पौधे को और करीब से समझा जा सके. वे जानना चाहते हैं कि ऐसे विविध हालात में यह पौधा किस तरह जिंदा रहता है. शार्के बे विश्व धरोहरों में शामिल एक विशाल खाड़ी है, जहां का समुद्री जीवन वैज्ञानिकों और पर्यटकों को खासा आकर्षक लगता है.

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