अमेरिका में 18 से 65 साल के 7500 से ज्यादा लोगों पर हुए सर्वे में पता चला कि जो लोग प्राइवेट पार्ट्स के आसपास के बाल साफ करते हैं उन्हें यौन रोग होने का खतरा 80 फीसदी ज्यादा होता है. शोधकर्ताओं ने पाया कि हर्प्स और क्लामीडिया जैसे कुछ संक्रमण ऐसे होते हैं जिनके होने का खतरा उन लोगों में सबसे ज्यादा होता है, जो बाल अक्सर या नियमित तौर पर साफ करते हैं.
यह अध्ययन दोनों परिस्थितियों यानी यौन रोग और बाल काटने के संबंधों पर था ना कि कारणों पर. यानी इस शोध से यह पता नहीं चलता कि बाल काटना भी किसी रोग का कारण हो सकता है या नहीं. लेकिन शोधकर्ताओं का अनुमान है कि शेव या वैक्स करने से त्वचा की परत फट जाती है. इस कारण विषाणु आसानी से हमला कर सकते हैं. रेजर आदि साझा करना खतरे को और बढ़ा देता है. जैसे कि एक ही ब्लेड के इस्तेमाल से एचआईवी फैल सकता है.
देखिए, कैसे बनें बिस्तर में बेहतर
बेहतर सेक्स लाइफ के लिए वायग्रा की नीली गोली दुनिया भर में मशहूर है. लेकिन खाने की चीजों से वही फायदा मिल जाए तो दवा खरीदने की क्या जरूरत?
तस्वीर: Colourboxइसमें विटामिन बी होता है जो स्टैमिना बढ़ाता है और स्ट्रेस को कम करता है. साथ ही पोटैशियम भी, जो सेक्स हार्मोन के लिए फायदेमंद होता है और दिल का भी ख्याल रखता है.
तस्वीर: Colourboxरिसर्च में पाया गया है कि बिस्तर में जाने से पहले यदि महिला और पुरुष दोनों कॉफी पिएं, तो उनका परफॉर्मेंस बेहतर होता है. कई बार जिम इंस्ट्रक्टर और कोच भी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग से पहले कॉफी पीने की सलाह देते हैं ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें.
तस्वीर: picture alliance/AP Photo/M. Meadइसमें विटामिन सी होता है जो शुक्राणुओं की सेहत के लिए अच्छा होता है. इससे शुक्राणुओं की गुणवत्ता और संख्या दोनों बढ़ती है. साथ ही यह एकाग्रता को भी बढ़ाता है.
तस्वीर: Colourboxसेब और कामुकता का रिश्ता तो बहुत पुराना है. आदम और हव्वा ने ईश्वर के आदेश के खिलाफ सेब खा लिया था और यहीं से मानवता की शुरुआत हुई. रिसर्च दिखाती है कि सेब कामुकता को बढ़ाने का काम करता है.
तस्वीर: Siamak Javidप्रोटीन से भरपूर सोया सिर्फ मर्दों की ही नहीं, महिलाओं की सेक्स हेल्थ के लिए भी बेहतरीन होता है. खास कर मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्ति के दौरान.
तस्वीर: Colourbox/Reezuan.Zरिसर्च दिखाती है कि मेवों से नपुंसकता का इलाज किया जा सकता है. हर रोज मेवे खाने से सेक्स ड्राइव में बढ़ोतरी होती है.
तस्वीर: Fotolia/photocrewयह दिल के लिए बहुत अच्छा होता है. रिसर्च के अनुसार जो भी चीजें दिल के लिए अच्छी होती हैं, वो जननांगों तक खून पहुंचाने में मददगार होती हैं. इसलिए ये इरेक्शन में फायदेमंद होता है.
तस्वीर: Fotolia/fredredhatबादाम भी दिल के लिए अच्छा होता है. इसमें जिंक और विटामिन ई समेत कई पोषक तत्व होते हैं, जो ना केवल कामुकता बढ़ाते हैं, बल्कि शरीर के प्रजनन तंत्र को भी स्वस्थ रखते हैं.
तस्वीर: Fotolia/photocrewकिस किस तरह का खाना नपुंसकता से बचा सकता है, यह जानने के लिए ऊपर दिए गए "+और" पर क्लिक करें.
तस्वीर: Colourbox सेक्शुअली ट्रांसमिटिड इन्फेक्शंस नाम की पत्रिका में यह शोध छपा है. इसके मुताबिक बाल काटने से रोगों का खतरा बढ़ने की संभावना होने का एक कारण यह भी हो सकता है कि जो लोग बाल काटते हैं उनके खतरनाक यौन संबंधों में पड़ने की संभावना ज्यादा होती है. शोध कहता है, "प्राइवेट पार्ट्स के बाल काटना यौन संबंध बनाने की तैयारी के रूप में देखा जाता है. इसका संबंध यौन साथियों की संख्या से है."
सर्वे में शामिल कुल 7850 लोगों में से 74 फीसदी प्राइवेट पार्ट्स के बाल साफ करते थे. ऐसा करने वालों में 66 फीसदी पुरूष थे और 84 फीसदी महिलाएं. बाल साफ करने के लिए जो तरीके इस्तेमाल होते हैं उनमें सबसे ज्यादा लोग रेजर, कैंची या वैक्स अपनाते हैं. पुरूष ज्यादातर इलेक्ट्रिक रेजर का इस्तेमाल करते हैं जबकि महिलाएं मैन्युअल रेजर का. 20 प्रतिशत लोग कैंची का इस्तेमाल करते हैं.
यह भी जानें, क्या होती है सेक्स थेरेपी
भारत में तो सेक्स शब्द ही अश्लील मान लिया जाता है लेकिन पश्चिम में सेक्स थेरेपी की बड़ी अहमियत है. एवरीडेहेल्थ डॉट कॉम ने सेक्स थेरेपी के बारे में 7 बातें बताई हैं.
तस्वीर: picture alliance/Romain Fellensसेक्स थेरेपी भी वैसी ही काउंसलिंग है जैसे आम काउंसलिंग. बेटर सेक्स गाइड टु एक्सट्राऑर्डिनरी लवमेकिंग किताब के लेखक यवोन के. फुलब्राइट कहते हैं, "सेक्स और रिलेशनशिप की मुश्किलों को सुलझाने के लिए मनोवैज्ञानिक तरीकों से ट्रेनिंग पाया व्यक्ति ही सेक्स थेरेपी करता है."
तस्वीर: picture-alliance/blickwinkelअगर आप किसी तरह की यौन समस्याओं से गुजर रहे हैं तो इसके पीछे मानसिक वजहें हो सकती हैं. थेरेपी के जरिये उन वजहों की जड़ में पहुंचकर उन्हें दूर किया जाता है.
तस्वीर: vladgrin - Fotolia.comडॉ. मोंटाग कहते हैं कि थेरेपिस्ट आपको घर पर जाकर करने के लिए कुछ होमवर्क दे सकता है. ये कुछ टिप्स होते हैं जो समस्या को सुलझाने में मदद कर सकते हैं.
तस्वीर: Ambrophoto - Fotolia.comडॉ. फुलब्राइट कहते हैं कि सेक्स थेरेपी के दौरान पार्टनर को साथ लाना चाहिए या नहीं इसका फैसला समस्या के आधार पर होता है. हर बार पार्टनर को साथ लाना जरूरी नहीं होता.
तस्वीर: Fotolia/slunicko1977सेक्स थेरेपी के दौरान कपड़े नहीं उतारे जाते. यानी शारीरिक तौर पर कुछ नहीं होता. यह सिर्फ बातचीत पर आधारित थेरेपी है. यहां तक कि अगर कोई थेरेपिस्ट आपको ऐसा करने को कहता है तो आप फौरन वहां से चले जाएं.
तस्वीर: DW/G. Grünहर थेरेपिस्ट हर समस्या को सुलझाने के लिए सक्षम नहीं होता. फैमिली थेरेपी, सोशल वर्कर, थियॉलॉजी और साइकोलॉजी पढ़े हुए लोग भी सेक्स थेरेपिस्ट बन जाते हैं लेकिन यह सही नहीं है. सेक्स थेरेपी अलग विधा है.
तस्वीर: imago/blickwinkelसेक्स थेरेपी सबके लिए नहीं है. मानसिक समस्याओं का इलाज तो मनोवैज्ञानिक यानी साइकॉलजिस्ट या साइकोथेरेपिस्ट भी कर सकते हैं. हर समस्या के लिए सेक्स थेरेपी की जरूरत नहीं होती.
तस्वीर: Imago इस अध्ययन से पता चला कि जो लोग बाल साफ करते हैं उनके सेक्शुअल पार्टनर्स की संख्या भी ज्यादा थी. उनके सेक्स करने की बारंबारता भी दूसरों से ज्यादा थी. और यौन रोगों से पीड़ित होने वालों में बाल साफ करने वाले लोग 14 फीसदी ज्यादा निकले.
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अध्ययन सेक्श एजुकेशन में जरूरी सुधार लाने में मददगार साबित होगा.
वीके/एके (एएफपी)