छतों पर पशुपालन
३० मई २०१८
Sheep on the roof!
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जर्मनी में चुनी जाती है 'मिस काउ'
जर्मनी में चुनी जाती है 'मिस काउ'
जर्मनी में 42 लाख दुधारू गायें हैं. इनमें से 60 फीसदी होल्स्टाइन प्रजाति की है. जर्मनी में गायों की भी 'मिस काउ' प्रतियोगिता होती है.
शांत जीवन
घास के मैदान में आराम से चरती गाय.
खाना तो जरूरी है
पशुपालन में चरागाहों का महत्वपूर्ण स्थान है.
घास पसंदीदा है
डेयरी फार्म में घास खाती गायें.
ब्यटी कॉम्पटिशन
दुधारू गायों की सौंदर्य प्रतियोगिता भी होती है.
संवार लूं
इस गौ सुंदरी को शूटिंग से पहले आइना दिखाया जा रहा है.
साफ रहना जरूरी है
प्रतियोगिता के लिये गायों को साफ सुथरा रखना पड़ता है.
नहाना भी तो चाहिए
एटेंडेंट गायों को प्रतियोगिता में भेजने से पहले उनकी साफ सफाई करती हैं.
हेयरकट प्लीज
बारीकी से सफाई के अलावा उनके लिये हेयर ड्रेसर भी होते हैं.
मालिक और गाय
कंटेस्टेंट गायें अपने अपने केयरटेकरों के साथ खड़ी हैं.
परख तो लें
जज बहुत ही बारीकी से हर पहलू की जांच करते हैं.
मैं हूं मिस काउ
मिस प्रतियोगिता में जीत की ऐसी खुशी होती है.
हमारी प्यारी गाय
गायों को चारा खिलाकर मजे लेते बच्चे.
भारतीय गाय भी स्टाइलिश
भारत में गाय के साथ मालिक विजय प्रसन्ना की एक सेल्फी.
बीच पर तो घूम लें
स्पेन के कोर्सिका में सुंदरियों का आमना सामना, जहां गायें बीच पर कब्जा कर लेती हैं.