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ब्लू हाइड्रोजन कोयले से खतरनाकः शोध

१३ अगस्त २०२१

अब तक ‘स्वच्छ’ हाइड्रोजन को पर्यावरण के लिए सुरक्षित ऊर्जा स्रोत के रूप में देखा जाता रहा है. लेकिन एक नए अध्ययन में इसे कोयले से भी ज्यादा खतरनाक बताया गया है.

H2 Hydrogen Molekül Symbolbild
तस्वीर: Alexander Limbach/imago images

पर्यावरण के लिए सुरक्षित माने जाने वाले स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों में हाइड्रोजन का जिक्र अक्सर होता है. माना जाता रहा है कि यह पेट्रोल और डीजल जैसे प्रदूषक ईंधनों की जगह ले सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी और कई कंपनियां इसका समर्थन कर चुकी हैं.

किंतु एक नए अध्ययन के बाद राय बदल सकती है. गुरुवार को प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि हाइड्रोजन से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कोयले से भी ज्यादा हो सकता है. ‘ब्लू हाइड्रोजन' के बारे में शोधकर्ता कहते हैं कि पर्यावरण के आधार पर तो "इसे जायज नहीं ठहराया जा सकता.”

अकादमिक जर्नल ‘एनर्जी साइंस ऐंड इंजीनियरिंग' में छपे अध्ययन के मुताबिक ब्लू हाइड्रोजन उत्सर्जन मुक्त नहीं है.

उत्सर्जन कोयले से ज्यादा

कॉरनेल विश्वविद्यालय के रॉबर्ट हॉवर्थ और स्टैन्फर्ड यूनिवर्सिटी के मार्क जैकबसन ने अपने शोध में पाया है कि हाइड्रोजन के ईंधन के उत्पादन में अच्छी खासी ऊर्जा की जरूरत होती है. वे कहते हैं कि प्राकृतिक गैस से हाइड्रोजन निकालने की प्रकिया में जब उसे गर्म किया जाता है और उस पर दबाव बढ़ाया जाता है, तब कार्बन उत्सर्जन होता है.

वैसे तो ‘ब्लू हाइड्रोजन' में कुछ ही उत्सर्जन होता है लेकिन अध्ययन कहता है कि कार्बन सोखने की प्रक्रिया में भी ऊर्जा लगती है. इस आधार पर शोधकर्ता लिखते हैं कि "इसका कोई फायदा नहीं है” क्योंकि ब्लू और ग्रे हाइड्रोजन का कुल उत्सर्जन असल में डीजल, गैस या कोयले से ज्यादा है.

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शोधकर्ता कहते हैं, "हमारा सुझाव है कि हाइड्रोजन को बस ध्यान बंटाने वाली चीज के रूप में देखा जाए जिसकी वजह से वैश्विक ऊर्जा अर्थव्यवस्था को कार्बन से पूरी तरह मुक्त करने में देरी हो सकती है.”

अमेरिका की नीतियों में हाइड्रोजन

इसी हफ्ते बाइडेन सरकार का 1.2 खरब डॉलर का इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल सेनेट से पास हुआ है, जिसमें क्षेत्रीय स्तर पर आठ ‘स्वच्छ हाइड्रोजन हब' बनाने के लिए आठ अरब डॉलर आवंटित किये गए हैं. हालांकि इस बिल में ‘ब्लू हाइड्रोजन' का जिक्र नहीं है.

शोधकर्ताओं की चेतावनी है कि जिस ईंधन में कार्बन को सोखकर रख लेने की प्रक्रिया शामिल है, वह "उसी सीमा तक काम करता है जितना उसमें अनिश्चित काल तक कार्बन को सोख कर रखने की क्षमता हो और उसमें से वह वापस वातावरण में न चली जाए.”

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अमेरिका के ऊर्जा विभाग ने जून में ऐलान किया था कि आधुनिक स्वच्छ हाइड्रोजन पर आधारित योजनाओं के लिए 5 करोड़ 25 लाख डॉलर दिए जाएंगे. 2019 में एक अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि हाइड्रोजन में "ज्यादा स्थिर और सुरक्षित ऊर्जा भविष्य का हिस्सा बनने” की संभावना है.

वीके/सीके (रॉयटर्स)

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