कश्मीर के सपने लेने छोड़ दे पाकिस्तान: सुषमा स्वराज
२६ सितम्बर २०१६
सुषमा स्वराज को सोशल मीडिया पर सुषमा गदर स्वराज लिखा जा रहा है. इसकी वजह है कि संयुक्त राष्ट्र आम सभा में भारतीय विदेश मंत्री जमकर गरजी हैं.
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भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान और आतंकवाद पर खूब सख्त भाषण दिया है. स्वराज ने कहा कि आतंकवाद इन्सानियत के खिलाफ सबसे घिनौना अपराध है और मासूम लोगों की जानें ले रहा है.
स्वराज ने कई गंभीर सवाल उठाए. मसलन उन्होंने कहा, "आतंकवादियों के पास हथियारों की फैक्ट्री नहीं है. उनके पास कोई बैंक नहीं है जहां से उन्हें धन मिलता है." पाकिस्तान की ओर से भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप पर भी सुषमा ने तीखे बोल बोले. उन्होंने कहा कि भारत के अंदर ऐसे आतंकवादी सक्रिय हैं जिन्हें ट्रेनिंग और हथियार मिलते हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने महासभा में अपने भाषण में कहा था कि दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए भारत अव्यवहारिक शर्तें लागू कर रहा है. स्वराज ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि भारत ने दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की हरसंभव कोशिश की है. उन्होंने कहा कि भारत शर्तें लगा रहा है या पाकिस्तान अशांति फैला रहा है? उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को यह गलतफहमी है कि वह इस तरह के कदमों से भारत को अस्थिर कर सकता है तो अपनी भूल सुधार ले. स्वराज ने कहा, "अगर पाकिस्तान को इसी रास्ते पर चलने दिया जाता रहा तो संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्य कभी हासिल नहीं किए जा सकेंगे."
देखिए, मोदी सरकार की 10 उपलब्धियां
मोदी सरकार की 10 उपलब्धियां
दो साल किसी नई सरकार के कामकाज को मापने के लिए ज्यादा नहीं होते. सवा अरब लोगों के लिए बनने वाली योजनाओं के नतीजे दिखने में समय लगता है. लेकिन दो साल में मोदी सरकार की कामयाबी की एक झलक हैं ये 10 बड़ी उपलब्धियां.
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अमेरिका से संबंध
यूपीए-2 के समय भारत और अमेरिका के संबंधों में तनाव आने लगा था. मोदी सरकार के आने के बाद भारत-अमेरिका संबंध बेहतर हुए हैं. दोनों देश लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज एंड मेमोरैंडम समझौता करने पर राजी हुए हैं. यह समझौता अमेरिका अपने सैन्य सहयोगियों से ही करता है.
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चाबहार समझौता
मई 2016 में चाबहार समझौता करके ईरान के साथ संबंधों में भारत सरकार ने बड़ी पहल की है. मनमोहन सरकार के समय दोनों देशों के संबंध खराब हो रहे थे. नरेंद्र मोदी ने उन्हें सुधारा है. चाबहार समझौता इसलिए भी अहम है कि अफगानिस्तान से संबंधों के लिए अब भारत पाकिस्तान पर निर्भर नहीं रहेगा.
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मुद्रास्फीति और जीडीपी
बढ़ती मुद्रास्फीति यूपीए सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित हुई थी. नई सरकार आने के बाद से महंगाई लगातार गिर रही है और 5 फीसदी से कम के स्तर पर जा चुकी है. भारतीय अर्थव्यवस्था के भी 7.4 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान पूरी दुनिया को चौंकाए हुए है.
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विदेशी निवेश
2015 में विदेशी निवेश के मामले में भारत ने चीन समेत बाकी सभी देशों को पीछे छोड़ दिया. 2015 की पहली छमाही में ही चीन से तीन अरब डॉलर ज्यादा और अमेरिका से 4 अरब डॉलर ज्यादा का निवेश भारत में हुआ. मोदी की विदेश यात्राओं पर की गई मेहनत रंग लाती दिख रही है.
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रिसर्च पर जोर
भारत सरकार साइंटिफिक रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए कई नए प्रोग्राम लाई है. लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशन वेव ऑब्जर्वेटरी इस ओर एक बड़ी उपलब्धि है. ग्रैविटेशनल वेव रिसर्च के मामले में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का संस्थान होगा, जैसा भारत में फिलहाल कोई नहीं है.
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वन रैंक वन पेंशन
भारत सरकार ने दशकों से लटके पड़े वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे को सुलझा कर बड़ी कामयाबी हासिल की है. एक मार्च 2016 को इसकी पहली किश्त भी जारी हो चुकी है. सैनिकों की बहुत पुरानी मांग पूरी होने से उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई.
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रीअल एस्टेट बिल
भारत में निजी बिल्डरों के कामों को नियमित करके उन्हें एक कानून के तहत लाने के मामले में मोदी सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. यह मुद्दा देश के उन करोड़ों लोगों को प्रभावित करता है जो निजी बिल्डरों के बनाए फ्लैट्स खरीद रहे हैं. इस बिल से उन्हें राहत मिली है.
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सौर ऊर्जा में बड़ी कामयाबी
यूपीए सरकार ने 2020 तक देश की सौर ऊर्जा क्षमता 20 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य तय किया था जिसे मोदी सरकार ने आते ही एक लाख मेगावाट कर दिया. लोगों ने कहा कि बहुत ज्यादा है लेकिन 2014-15 में लक्ष्य से डेढ़ गुना हासिल करके सरकार ने जता दिया कि वह कितनी गंभीर है.
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एलपीजी सब्सिडी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के ऐसे लोगों से एलपीजी सब्सिडी छोड़ने का अनुरोध किया जो महंगी रसोई गैस खरीद सकते हैं. उनका कहना था कि इससे गरीब लोगों को एलपीजी उपलब्ध कराई जा सकेगी. अब तक करीब एक करोड़ लोग सब्सिडी छोड़ चुके हैं. ग्रामीण गरीबों को रसोई गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं.
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यमन संकट में पहल
यमन में गृह युद्ध होने पर काफी भारतीय वहां फंस गए थे. विदेश मंत्रालय ने तेजी से कदम उठाते हुए विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह को वहां भेजा. वह 168 भारतीयों को लेकर स्वदेश लौटे. इसे भारत की बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा गया.
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भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया आतंकवाद पर काबू पाने में नाकाम रही है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि मौजूदा वैश्विक हालात पर सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पारित किया जाए. स्वराज ने अपने भाषण का अंत उंगली उठाकर गरजते हुए किया. उन्होंने कहा, "कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान को कश्मीर के सपने लेने छोड़ देने चाहिए."