यूरोपीय संघ की सर्वोच्च अदालत ने फलस्तीनी चरमपंथी गुट हमास को आतंकवादी संगठनों की सूची में रखने को सही ठहराया है. इस तरह अदालत ने एक निचली अदालत के फैसले को पलट दिया है, जिसने हमास को इस सूची से हटाने का फैसला दिया था.
सर्वोच्च ईयू कोर्ट ने अब मामले को निचली अदालत के पास भेजते हुए इस पर फिर से विचार करने को कहा है. यूरोपीय संघ ने पहली बार हमास को 2001 में आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया था. इसके बाद यूरोपीय संघ में इस संगठन की सभी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया गया था. लेकिन 2014 में यूरोपीय संघ की एक अदालत ने इस कदम को रद्द कर दिया.
यूरोपीय संघ ने इस मामले में फिर से अपील की थी और यूरोपीय संघ न्याय अदालत का फैसला उसके पक्ष में आया. सर्वोच्च अदालत ने कहा कि 2014 में हमास को आतंकवादी संगठनों की सूची से निकालने का फैसला गलत था और अब इस पर दोबारा विचार होना चाहिए.
इस बारे में अभी हमास या इस्राएल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है. लेकिन यूरोपीय यहूदी कांग्रेस ने इस फैसले का स्वागत किया है. उसके अध्यक्ष मोशे कांटोर ने कहा कि इससे साफ संदेश गया है कि "जो लोग मध्य पूर्व में हत्या और आतंक के जरिये शांति का विरोध करते हैं, उनके लिए यूरोपीय संघ में कोई जगह नहीं है."
सबसे घातक आतंकवादी संगठन
आतंकवाद दुनिया भर में हजारों जानें ले रहा है. आतंकी संगठनों में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ सी लगी हुई है. एक नजर सबसे खूनी आतंकवादी संगठनों पर.
तस्वीर: Getty Images/AFP/I. Lieman
1. बोको हराम
जी हां, इस्लामिक स्टेन नहीं, बोको हराम. यह दुनिया का सबसे घातक आतंकी संगठन है. अबु बकर शेकाऊ के इस संगठन ने अकेले 2014 में ही 6,644 लोगों की जान ली. 1,742 लोग घायल हुए. सैकड़ों लड़कियों को अगवा किया.
तस्वीर: picture-alliance/AP Photo/S.Alamba
2. इस्लामिक स्टेट
इस्लामिक स्टेट द्वारा मारे गए लोगों की संख्या भले ही बोको हराम से कम हो, लेकिन इस संगठन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा है. 2015 में इस्लामिक स्टेट ने 6,073 लोगों को मारा. कुल 5,799 आतंकी हमले किये. अबु बकर बगदादी का यह संगठन यूरोप, सीरिया, इराक, तुर्की और बांग्लादेश में सक्रिय है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa
3. तालिबान
अफगानिस्तान के गृह युद्ध के दौरान 1994 में तालिबान बना. इसे दुनिया का सबसे अनुभवी आतंकी संगठन कहा जाता है. 2015 में तालिबान ने 891 हमले किये, जिनमें 3,477 लोगों की जान गई. हिबातुल्लाह अखुंदजादा की अगुवाई वाला तालिबान अफगानिस्तान पर दोबारा कब्जा करना चाहता है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/Noorullah Shirzada
4. फुलानी उग्रवादी
इस संगठन के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी अभी भी नहीं है. खानाबदोश की तरह जगह बदलता यह संगठन नाइजीरिया में सक्रिय है. यह फुला कबीले का हथियारबंद संगठन है. ये फुलानी लोगों के जमींदारों को निशाना बनाता है. 2015 में इस उग्रवादी संगठन ने 150 से ज्यादा हमले किये और 1,129 लोगों की जान ली.
तस्वीर: Getty Images/AFP/I. Lieman
5. अल शबाब
बोको हराम का संबंध जहां इस्लामिक स्टेट से है, वहीं अल शबाब के तार अल कायदा से जुड़े हैं. पूर्वी अफ्रीका में सक्रिय यह आतंकी संगठन सोमालिया को इस्लामिक स्टेट बनाना चाहता है. बीते साल अल शबाब ने 496 आतंकी हमले किये और 1,021 लोगों की जान ली.
तस्वीर: A. Ohanesian
5 तस्वीरें1 | 5
मई में हमास ने एक नया नीति दस्तावेज जारी किया था जिसमें उसने अपना रुख नरम होने के संकेत दिये थे. नये दस्तावेज में हमास ने कहा कि वह फलस्तीनी राष्ट्र के साथ साथ इस्राएल को भी स्वीकार करता है, जबकि पहले ऐसा नहीं था. इस दस्तावेज में हमास ने इस्राएली कब्जे के खिलाफ हथियार उठाने के अपने अधिकार को भी बरकरार रखा है. उसने कहा कि उसकी लड़ाई यहूदियों से नहीं है, बल्कि कब्जे से है.
एक अन्य मामले में यूरोपीय संघ की सर्वोच्च अदालत ने श्रीलंकाई विद्रोही संगठन एलटीटीई का नाम आतंकवादी सूची से हटाने के फैसले को सही करार दिया है. श्रीलंका में एक अलग तमिल राष्ट्र के लिए लड़ने वाले इस संगठन को 2006 में इस सूची में शामिल किया गया था, लेकिन 2009 में श्रीलंकाई सेना ने इस संगठन का सफाया कर दिया.
एके/आरपी (एपी, एएफपी)
आतंकवाद से सबसे ज्यादा कौन डरा है
शोध संस्थान इप्सोस हर महीने सर्वे करता है कि किस मुल्क के लोग किस बात को लेकर चिंतित हैं. नवंबर 2016 में कितने लोगों ने आतंकवाद को सबसे ज्यादा चिंता की बात बताया, उसके आधार पर देखिए कि किस देश में लोग आतंकवाद से डरे हैं.