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नाटो बैठक की शुरुआत में ही सहयोगियों पर जम कर बरसे ट्रंप

८ जुलाई २०२६

बुधवार, 8 जुलाई को तुर्की के अंकारा में नाटो की बैठक की शुरुआत में ही अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप सहयोगियों पर जम कर बरसे. ऐसा लग रहा है कि पूरी बैठक पर ईरान युद्ध का साया बना रहेगा.

नाटो प्रमुख मार्क रुटे के साथ बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप
अंकारा में नाटो की सालाना बैठक के दौरान डॉनल्ड ट्रंप सहयोगी देशों पर जम कर बरसेतस्वीर: Filip Singer/REUTERS

नाटो की बैठक से एक दिन पहले अमेरिका और ईरान की सेना में टकराव फिर शुरू हो गया है और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम "खत्म" होने की घोषणा कर दी. इसके तुरंत बाद ही उन्होंने नाटो सहयोगियों पर निशाना साधा जिन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध में उनका साथ नहीं दिया. इसके बाद उन्होंने जोर देकर कहा कि वे अब भी ग्रीनलैंड को हासिल करना चाहते हैं और इस मामले में यूरोपीय प्रतिरोध को उन्होंने "बड़ी समस्या" बताया.

नाटो से "नाराज" हैं ट्रंप

डॉनल्ट ट्रंप ने कहा है, "मैं नाटो से बहुत नाराज हूं...क्योंकि जो उन्होंने ग्रीनलैंड के मामले में किया है और क्योंकि यह सच्चाई है कि वे आतंक के नंबर वन प्रायोजक के खिलाफ हमारी मदद नहीं करना चाहते, जो ईरान है."

नहीं खरीद सके तो क्या ताकत से ग्रीनलैंड पर कब्जा करेंगे ट्रंप?

ट्रंप ने खासतौर से स्पेन का नाम लेकर उसकी आलोचना की और उसे नाटो में "बेहद खराब सहयोगी." बताया. ट्रंप का कहना है, "स्पेन एक व्यर्थ प्रयास है. हम अब स्पेन के साथ कोई कारोबार नहीं करना चाहते." स्पेन के रक्षा खर्चों को लेकर हुए विवाद को फिर उठाते हुए ट्रंप ने वाणिज्य मंत्री स्कॉट बेसेंट से कहा है कि "इसे बंद करो."

ईरान युद्ध में नाटो का सहयोग नहीं मिलने से डॉनल्ड ट्रंप नाराज हैंतस्वीर: Stoyan Nenov/REUTERS

डॉनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड का मुद्दा भी उठाया और उसे हासिल करने की अपनी मांग दोहराई है. ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक स्वायत्त क्षेत्र है. डॉनल्ड ट्रंप का कहना है, "ग्रीनलैंड हमारे लिए एक बड़ी समस्या है." ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "यह अमेरिका के लिए बेहद जरूरी है लेकिन यह डेनमार्क के लिए जरूरी नहीं है. हमें ना सिर्फ अमेरिका बल्कि दुनिया की रक्षा करने के लिए इसकी  जरूरत है. यह डेनमार्क की कोई मदद नहीं करता लेकिन यह हमारी मदद करता है."

डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडेरिकसन ने एक दिन पहले ट्रंप के बयानों पर जवाब दिया था, "निश्चित रूप से ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है."

नाटो सहयोगियों में उलझन

नाटो के प्रमुख मार्क रूटे ने इससे पहले इस सैन्य संगठन के लिए अमेरिका की "पूर्ण प्रतिबद्धता" को लेकर भरोसा बढ़ाने की कोशिश की. पल पल रुख बदलने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ नाटो की मेज पर आमने सामने होने वाली मुलाकात को लेकर सहयोगी देश काफी असमंजस में हैं.

नाटो की सालाना बैठक तुर्की के अंकारा में हो रही है तस्वीर: Jonathan Ernst/REUTERS

मंगलवार को तुर्की में विमान से उतरने के बाद डॉनल्ड ट्रंप ने तुर्क राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोवान के साथ अपनी बेहतर "केमिस्ट्री" को उजागर किया जो यूरोपीय सहयोगियों के साथ चली आ रही कड़वाहटों की तुलना में बिल्कुल उल्टा है. ट्रंप ने एर्दोवान को एफ-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम में वापस लाने की भी बात कही. रूस से एस-400 खरीदने के बाद ट्रंप ने तुर्की को इस कार्यक्रम से बाहर कर दिया था.

नाटो का नया 5 फीसदी रक्षा खर्च बजट क्या है

यह सम्मेलन एक मुश्किल वक्त में हो रहा है जब एक तरफ ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका और सहयोगियों में असहमति है तो दूसरी तरफ रखा खर्चों को लेकर अमेरिका की तरफ से यूरोपीय देशों पर बढ़ता दबाव है.

एक साल में रक्षा खर्च 11 फीसदी बढ़ा

नाटो की बैठक शुरू होने से पहले संगठन की ओर से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि 2026 में यूरोप ने प्रमुख रक्षा खर्च 11 फीसदी बढ़ाया है. एक साल पहले के 571 अरब डॉलर के मुकाबले यह 634 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.

नाटो की बैठक शुरू होने से एक दिन पहले अमेरिका और ईरान ने एक दूसरे के विरुद्ध हमले किए हैं तस्वीर: REUTERS

ट्रंप के साथ किसी नए टकराव से बचने के लिए नाटो सहयोगियों ने मंगलवार को दसियों अरब डॉलर के हथियारों के लिए नए करार मंगलवार को किए हैं. वो यह दिखाना चाहते हैं कि रक्षा खर्च बढ़ाने की दिशा में वे तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं. बुधवार को रूटे ने कहा, "कल का दिन बड़ी सफलता का था." रूटे का कहना है कि सहयोगी देश रूस को देखते हुए अपने महाद्वीप की रक्षा के लिए ज्यादा जिम्मेदारी लेने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, "यह अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए बड़ी जीत है."

नाटो अमेरिका का ध्यान बढ़ते रक्षा बजट की ओर खींच रहा है इसके साथ ही यूक्रेन युद्ध भी इस वक्त एक प्रमुख एजेंडा है. अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक दोनों पक्ष युद्ध को खत्म करना चाहते हैं. ट्रंप बुधवार की शाम यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे. ट्रंप ने तुर्की के लिए उड़ान भरने से पहले एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बात की है.

यूरोप और कनाडा यूक्रेन के लिए 2026-27 में सैन्य सहायता पर लगभग 70 अरब यूरो की रकम खर्च करने के लिए तैयार हो जाएंगे इसकी प्रबल संभावना है. इसी दौरान ट्रंप सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से भी मुलाकात करेंगे. कई वर्षों के गृहयुद्ध के बाद अब सीरिया के पुनर्निर्माण को लेकर कोशिशें तेज हो रही हैं. बैठक से एक दिन पहले ही फ्रेंच राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने सीरिया का दौरा किया था. हालांकि इसी दौरान राजधानी दमिश्क में हुए दो बम धमाकों में 18 लोगों की मौत हो गई. धमाके वाली जगह फ्रेंच राष्ट्रपति के रुकने की जगह से कुछ ही दूरी पर थी.

कितने अलग थलग पड़ चुके हैं ट्रंप

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निखिल रंजन निखिल रंजन एक दशक से डॉयचे वेले के लिए काम कर रहे हैं और मुख्य रूप से राजनैतिक विषयों पर लिखते हैं.
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