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राजनीतिसंयुक्त राज्य अमेरिका

ईरान से बात करने इस्लामाबाद जाएंगे अमेरिकी नेताः ट्रंप

विवेक कुमार रॉयटर्स, एएफपी
१९ अप्रैल २०२६

अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता से पहले इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जबकि अमेरिकी वार्ताकार सोमवार को पाकिस्तान पहुंचने वाले हैं.

इस्लामाबाद में अमेरिका ईरान वार्ता के पहले दौर की बातचीत 11 अप्रैल को हुई थी
11 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई बातचीत बेनतीजा रही थीतस्वीर: Qamar Zaman/dpa/picture alliance

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधि सोमवार को पाकिस्तान पहुंचेंगे और ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने को लेकर बातचीत फिर से शुरू करेंगे. उन्होंने यह घोषणा अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर की.

ट्रंप ने लिखा कि उनके प्रतिनिधि इस्लामाबाद में होंगे और वहां बातचीत करेंगे. इससे पहले 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच आमने सामने की बातचीत हुई थी, लेकिन वह बिना किसी समझौते के समाप्त हुई थी.

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत ने कहा कि सोमवार को पाकिस्तान जा रहे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वैंस करेंगे. हालांकि रविवार को एक इंटरव्यू में ईरानी संसद के अध्यक्ष कलीबाफ ने कहा था कि दोनों देश समझौते से अभी काफी दूर हैं.

इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा

अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता से पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को रविवार को और कड़ा कर दिया गया. अमेरिका के वार्ताकारों के सोमवार को इस्लामाबाद पहुंचने की घोषणा के बाद शहर के अहम इलाकों में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है. यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और हाल में होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति और गंभीर हो गई है.

पाकिस्तान की अगुवाई में कैसा सीजफायर

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शांति वार्ता से पहले इस्लामाबाद और उसके निकटवर्ती शहर रावलपिंडी में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने कई सड़कों को बंद कर दिया है और यातायात पर पाबंदियां लगाई गई हैं. शहर के सबसे सुरक्षित होटलों के आसपास हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. इनमें मैरियट और सेरेना होटल शामिल हैं, जहां पिछली बार अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत हुई थी.

सेरेना होटल की ओर जाने वाले अधिकतर रास्तों को रविवार को बंद कर दिया गया था. कांटेदार तार, बैरिकेड्स, भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी और यातायात को मोड़ने के जरिए पूरे क्षेत्र को सील किया गया. एक नगर अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए नागरिकों से सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की.

ट्रंप ने दी चेतावनी

इसी दौरान वॉशिंगटन से भी अमेरिकी राष्ट्रपति की आक्रामक टिप्पणियां सामने आई हैं. डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने समझौता स्वीकार नहीं किया तो अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों और पुलों को तबाह कर देगा. उन्होंने ईरान पर दोनों देशों के बीच घोषित दो सप्ताह के संघर्षविराम का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया और कहा कि शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए हमले इसका सबूत हैं.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह ईरान को एक उचित समझौता पेश कर रहे हैं, लेकिन यदि तेहरान ने इनकार किया तो अमेरिका ईरान के सभी बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर देगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह काम तेज और आसानी से किया जाएगा और यदि समझौता नहीं हुआ तो ऐसा करना उनके लिए सम्मान की बात होगी.

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य रविवार को भी बंद रहा. ईरान ने शनिवार को फिर से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद घोषित कर दिया था, जबकि उसने एक दिन पहले इसे फिर से खोलने की घोषणा की थी. जलडमरूमध्य के दोबारा बंद होने की खबर से वैश्विक बाजारों में चिंता फैल गई है.

ईरान का कहना है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक नहीं खोलेगा जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लागू की गई नाकेबंदी को खत्म नहीं करता. अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने जाने वाले जहाजों पर पूर्ण समुद्री रोक लागू की हुई है. अमेरिका के अनुसार, यह कदम ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है.

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद अहम है क्योंकि दुनिया के तेल परिवहन का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. ऐसे में इसके बंद रहने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है. अमेरिका और ईरान के बीच जारी इस तनातनी पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की करीबी नजर है.

 

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