उड़ी आतंकी हमले पर पाकिस्तानी मीडिया ने क्या लिखा?
अशोक कुमार१९ सितम्बर २०१६
रविवार को भारतीय कश्मीर के उड़ी में सेना के बेस पर हुआ हमला पाकिस्तान के लगभग सभी अंग्रेजी और उर्दू अखबारों की पहली खबर है. भारत के 20 सैनिक इस हमले में मारे गए हैं और उसने पाकिस्तान को इसके लिए जिम्मेदार बताया है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/Press Information Bureau
विज्ञापन
इस खबर को पाकिस्तानी मीडिया ने खासी तवज्जो दी है. पाकिस्तान का अंग्रेजी अखबार ‘डॉन' लिखता है कि उड़ी में हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ बुधवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देने वाले हैं. अखबार की राय में उड़ी हमला कश्मीर मुद्दे को उन अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में शामिल करा सकता है जिन पर न्यूयॉर्क में चर्चा होनी है, वैसे नवाज शरीफ तो कश्मीर मुद्दे पर अपना स्पष्ट रूख सामने रखेंगे ही.
‘डॉन' के मुताबिक भारतीय प्रधानमंत्री मोदी तो न्यूयॉर्क नहीं जा रहे हैं, लेकिन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपने भाषण में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी और ये बात पक्की है, आने वाले दिनों में भी ये वाकयुद्ध चलता रहेगा.
तस्वीरों में: कश्मीर जैसे टाइम बम और भी हैं
टाइम बम जैसे विवाद
दुनिया भर में कुछ ऐसे विवाद हैं जो कभी भी युद्ध भड़का सकते हैं. ये सिर्फ दो देशों को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को लड़ाई में खींच सकते हैं.
तस्वीर: Getty Images/AFP/D. Mihailescu
दक्षिण चीन सागर
बीते दशक में जब यह पता चला कि चीन, फिलीपींस, वियतनाम, ताइवान, ब्रुनेई, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कंबोडिया के बीच सागर में बेहद कीमती पेट्रोलियम संसाधन है, तभी से वहां झगड़ा शुरू होने लगा. चीन पूरे इलाके का अपना बताता है. वहीं अंतरराष्ट्रीय ट्राइब्यूनल चीन के इस दावे के खारिज कर चुका है. बीजिंग और अमेरिका इस मुद्दे पर बार बार आमने सामने हो रहे हैं.
तस्वीर: picture-alliance/Photoshot/Xinhua/Liu Rui
पूर्वी यूक्रेन/क्रीमिया
2014 में रूस ने क्रीमिया प्रायद्वीप को यूक्रेन से अलग कर दिया. तब से क्रीमिया यूक्रेन और रूस के बीच विवाद की जड़ बना हुआ है. यूक्रेन क्रीमिया को वापस पाना चाहता है. पश्चिमी देश इस विवाद में यूक्रेन के पाले में है.
तस्वीर: picture-alliance/abaca/Y. Rafael
कोरियाई प्रायद्वीप
उत्तर और दक्षिण कोरिया हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहते हैं. उत्तर कोरिया भड़काता है और दक्षिण को तैयारी में लगे रहना पड़ता है. दो किलोमीटर का सेनामुक्त इलाका इन देशों को अलग अलग रखे हुए हैं. उत्तर को बीजिंग का समर्थन मिलता है, वहीं बाकी दुनिया की सहानुभूति दक्षिण के साथ है.
तस्वीर: Getty Images/AFP/J. Martin
कश्मीर
भारत और पाकिस्तान के बीच बंटा कश्मीर दुनिया में सबसे ज्यादा सैन्य मौजूदगी वाला इलाका है. दोनों देशों के बीच इसे लेकर तीन बार युद्ध भी हो चुका है. 1998 में करगिल युद्ध के वक्त तो परमाणु युद्ध जैसे हालात बनने लगे थे.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/F. Khan
साउथ ओसेटिया और अबखासिया
कभी सोवियत संघ का हिस्सा रहे इन इलाकों पर जॉर्जिया अपना दावा करता है. वहीं रूस इनकी स्वायत्ता का समर्थन करता है. इन इलाकों के चलते 2008 में रूस-जॉर्जिया युद्ध भी हुआ. रूसी सेनाओं ने इन इलाकों से जॉर्जिया की सेना को बाहर कर दिया और उनकी स्वतंत्रता को मान्यता दे दी.
तस्वीर: Getty Images/AFP/K. Basayev
नागोर्नो-काराबाख
नागोर्नो-काराबाख के चलते अजरबैजान और अर्मेनिया का युद्ध भी हो चुका है. 1994 में हुई संधि के बाद भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. इस इलाके को अर्मेनिया की सेना नियंत्रित करती है. अप्रैल 2016 में वहां एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बने.
तस्वीर: Getty Images/AFP/V. Baghdasaryan
पश्चिमी सहारा
1975 में स्पेन के पीछे हटने के बाद मोरक्को ने पश्चिमी सहारा को खुद में मिला लिया. इसके बाद दोनों तरफ से हिंसा होती रही. 1991 में संयुक्त राष्ट्र के संघर्षविराम करवाया. अब जनमत संग्रह की बात होती है, लेकिन कोई भी पक्ष उसे लेकर पहल नहीं करता. रेगिस्तान के अधिकार को लेकर तनाव कभी भी भड़क सकता है.
तस्वीर: Getty Images/AFP/F. Batiche
ट्रांस-डिनिएस्टर
मोल्डोवा का ट्रांस-डिनिएस्टर इलाका रूस समर्थक है. यह इलाका यूक्रेन और रूस की सीमा है. वहां रूस की सेना तैनात रहती है. विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम और मोल्डोवा की बढ़ती नजदीकी मॉस्को को यहां परेशान कर सकती है.
तस्वीर: Getty Images/AFP/D. Mihailescu
8 तस्वीरें1 | 8
वहीं उर्दू अखबार ‘एक्सप्रेस' ने हमले के बाद पाकिस्तान को ‘आतंकवादी राष्ट्र' बताने वाले भारतीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता की प्रतिक्रिया को तवज्जो दी है. अखबार ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से लिखा है कि ऐसे बयानों का मकसद कश्मीर के हालात से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी का ध्यान हटाना है.
धुर दक्षिणपंथी अखबार नवा-ए-वक्त की खबर में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का ये बयान है कि भारत जैसे बोएगा, वैसे काटेगा. उन्होंने कहा, "भारत को कश्मीर में रियासती दहशतगर्दी की कीमत चुकानी पड़ेगी." वहीं उर्दू अखबार ‘जंग' ने अपने संपादकीय में लिखा है कि अमेरिका को भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मसले को हल कराने के लिए अपनी भूमिका अदा करनी चाहिए.
अखबार का कहना है कि ये मसला दुनिया की दो बड़ी एटमी ताकतों के बीच है और अगर इसे न्यायपूर्ण तरीके से हल नहीं किया गया तो यह किसी भी वक्त दुनिया के अमन को तबाह कर सकता है.
तस्वीरों में: सुंदरता और संघर्ष का नाम कश्मीर
सुंदरता और संघर्ष का नाम कश्मीर
शायर कश्मीर को दुनिया की सबसे खूबसूरत जगह कहते हैं और विश्लेषक उसे सबसे ज्यादा सैनिकों से पटी खतरनाक जगह. इन विरोधाभासों के बावजूद क्या है असली कश्मीर.
तस्वीर: M.Davari
बहुसंस्कृति
कश्मीर को कभी बहुसांस्कृतिक माहौल के लिए भी जाना जाता था. कश्मीर में मुस्लिम बहुल आबादी, जम्मू में हिन्दू और लद्दाख में बौद्ध. कश्मीर की संस्कृति में इनका मिला जुला असर दिखता है. हिंसा ने बहुसंस्कृति पर भी असर डाला.
तस्वीर: picture-alliance/Arcaid
केसर
महकता केसर कश्मीर की पहचान है. ईरान और स्पेन के बाद भारत केसर का सबसे बड़ा निर्यातक है. कश्मीर में इसका इस्तेमाल कई व्यंजनों और कहवे में किया जाता है.
तस्वीर: imago/Xinhua
फूलों की चादर
कश्मीर घाटी फूलों के लिए भी मशहूर है. बीते साल करीब 11 लाख सैलानी ट्यूलिप के बागों से भरे जम्मू कश्मीर को देखने पहुंचे. इनमें 50 हजार विदेशी पर्यटक थे.
तस्वीर: picture-alliance/dpa
हिमाच्छादित कश्मीर
सर्दियों में कश्मीर का बड़ा इलाका बर्फ से ढक जाता है. विंटर स्पोर्ट्स के लिए यहां की कई जगहें एकदम मुफीद हैं. लेकिन अच्छे आधारभूत ढांचे की कमी और हिंसा के चलते इसकी संभावनाएं पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाई हैं.
तस्वीर: UNI
नदियां
हिमालय की गोद में बसे जम्मू कश्मीर से 20 से ज्यादा नदियां निकलती हैं. इनमें सिंधु, नीलम और रावी प्रमुख हैं. ये बड़ी नदियां भारत से निकलकर पाकिस्तान जाती हैं और इसलिए विवाद के केंद्र में भी हैं.
तस्वीर: UNI
लकड़ी
कश्मीर की लकड़ी बेहद उम्दा किस्म की मानी जाती है. क्रिकेट बैट के लिए कश्मीर विलो को सबसे अच्छा माना जाता है. कश्मीर की लकड़ी नाव और फर्नीचर के लिए भी मुफीद मानी जाती है.
तस्वीर: picture alliance/NurPhoto/Y. Nazir
सूफियाना
भारतीय उपमहाद्वीप में गायकी की सूफी परंपरा कश्मीर से ही फैली. रहस्यवाद और मानवता का संदेश देने वाली सूफी गायकी अब भारत और पाकिस्तान में खासी लोकप्रिय है.
तस्वीर: AP
फिल्मों की शूटिंग
1980 के दशक तक कश्मीर घाटी फिल्मों की शूटिंग के लिए भी मशहूर थी. बॉलीवुड के कई सुपरहिट गाने कश्मीर की वादियों से ही निकले. लेकिन 1990 के दशक में हिंसा की मार पड़ी. हाल के सालों में इक्का दुक्का फिल्मों की शूटिंग हुई है.
तस्वीर: picture-alliance/dpa
सबसे ऊंचा रणक्षेत्र
भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद 1948 से चला आ रहा है. 5,753 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र है.
तस्वीर: dapd
9 तस्वीरें1 | 9
दूसरी तरफ रोजनामा ‘दुनिया' में पाकिस्तानी सेना के बयान का हवाला देते हुए लिखा है कि नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ बेहद कड़े कदम उठाए गए हैं, उनकी वजह से घुसपैठ मुमकिन ही नहीं है. अखबार के मुताबिक पाकिस्तानी सेना का कहना है कि अगर भारत हमले की जांच चाहता है तो उसे ऐसे ठोस सबूत देने होंगे जिनके आधार पर कोई कार्रवाई की जा सके.
अंग्रेजी अखबार ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने उड़ी में हमले के दौरान घटनास्थल के ऊपर उड़ते भारत सेना के हेलीकॉप्टर की तस्वीर के साथ इसे अपनी पहली खबर बनाया है. अखबार ने हमले को लेकर भारत के आरोपों को पाकिस्तान की तरफ से खारिज किए जाने की खबर के साथ साथ ये भी लिखा है कि नवाज शरीफ कश्मीर के मुद्दे को अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ होने वाली अपनी बैठक में उठाएंगे.