'जरूरी हुआ तो' उत्तर कोरिया पर बल प्रयोग करेगा अमेरिका
६ जुलाई २०१७
अमेरिका का कहना है कि उत्तर कोरिया के इंटरकंटिनेंटल मिसाइल परीक्षण ने कूटनीति के रास्तों को संकरा कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र में अमरीका की राजदूत निक्की हेली ने तो उत्तर कोरिया के खिलाफ बल प्रयोग करने की बात कही है.
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बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में निक्की हेली ने कहा कि इस परीक्षण ने दुनिया को और ज्यादा खतरनाक जगह बना दिया है. निक्की हेली ने कहा कि अमेरिका परमाणु ताकत वाले उत्तर कोरिया के कारण पैदा हुए खतरे से निपटने में बल प्रयोग करने के लिए भी तैयार है. अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेना ने बुधवार को जापान सागर में कुछ मिसाइलें भी दागी हैं जो उत्तर कोरिया पर हमले की दिशा में उनका निशाना अचूक बनाने की तैयारी कही जा रही हैं. दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच एक सैन्य साझेदारी है जिसके तहत दक्षिण कोरिया की सुरक्षा के लिए 28.500 अमेरिकी सैनिक इलाके में तैनात हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के लिए ये परीक्षण एक नई चुनौती के रूप में सामने आये हैं. डॉनल्ड ट्रंप ने हालांकि इस आशंका को खारिज किया है कि उत्तर कोरिया के पास इस वक्त आईसीबीएम है. ट्रंप का कहना है, "ये नहीं होगा." हालांकि कुछ जानकारों का कहना है कि मंगलवार को हुए परीक्षण ने उत्तर कोरिया को अमेरिकी जमीन तक मार करने की क्षमता दे दी है जिसके लिए ये देश दशकों से कोशिश कर रहा था. ये और बात है कि इस परीक्षणों के बावजूद भी उसे इस तरह के हथियार का प्रयोग करने लायक सुविधा तैयार करने में कई साल लगेंगे.
अमेरिका और दक्षिण कोरिया के करीब 2000 सैनिकों ने साझा सैन्य अभ्यास किया. अभ्यास इतने व्यापक स्तर पर हुआ कि उत्तर कोरिया का घबराना लाजमी है.
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बॉर्डर कंट्रोल
उत्तर कोरिया की सीमा से सटे इलाके में अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने लाइव फायर ड्रिल की. अभ्यास के दौरान बिल्कुल युद्ध जैसे हालात पैदा किये गए.
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नकली लक्ष्य
पोचेयोन में हुए इस युद्धाभ्यास के दौरान एक्स्ट्रा कैलिबर फुली ऑटोमैटिक मशीनगनों और रॉकेट लॉन्चरों से नकली लक्ष्यों को निशाना बनाया गया.
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युद्ध के लिए तैयारी
दक्षिण कोरिया के K1A2 टैंकों का भी इस्तेमाल किया गया. युद्ध के दौरान सुरक्षित तरीके से टैंकों के काफिले को आगे बढ़ाने का अभ्यास हुआ. इस दौरान उन्हें सुरक्षा देने के लिए 50 विमानों का भी इस्तेमाल किया गया.
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मिसाइल डिफेंस
अमेरिका अपने अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम (THAAD) को भी दक्षिण कोरिया में तैनात कर रहा है. THAAD सिस्टम मध्यम दूरी की मिसाइल को हवा में इंटरसेप्ट कर नष्ट कर देता है. उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम से निपटने के लिए THAAD सिस्टम लगाया जा रहा है.
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उत्तर कोरिया भी तैयार
सीमा के दूसरी तरफ उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन सबसे बड़ी सैन्य तैयारियों में जुटे हैं. सैन्य स्थापना दिवस के मौके पर उत्तर कोरिया ने कई किस्म के हथियार प्रदर्शित किये और चेतावनी भी दी.
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क्या है मामला
माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण करने की फिराक में है. अगर ऐसा कोई परीक्षण हुआ तो कोरियाई प्रायद्वीप में जारी तनाव और बढ़ सकता है. (रिपोर्ट: नदीन बेर्गहाउजन/ओएसजे)
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में निक्की हेली ने कहा कि अमेरिका के पास "भरपूर सैन्य ताकत" है और "अगर जरूरी हुआ तो हम उनका इस्तेमाल करेंगे." हालांकि निक्की हेली के मुताबिक अमेरिका का ध्यान अभी उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रतिबंधों का घेरा कसने पर है. इसके लिए अमेरिका जल्द ही प्रस्ताव पेश करेगा.
उत्तर कोरिया ने पहली बार 2006 में परमाणु हथियारों का परीक्षण किया था उसके बाद से उस पर अब तक छह तरह के प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं. उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रम पर हालांकि इन प्रतिबंधों का कोई असर नहीं हुआ है. नये प्रतिबंध उन देशों को निशाना बना सकते है जो अब भी उत्तर कोरिया के साथ व्यापार कर रहे हैं, इसके अलावा तेल का निर्यात, वायु और जल मार्गों के प्रयोग को सीमित करना और अधिकारियों पर ट्रैवल बैन लगाया जा सकता है.
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चीन उत्तर कोरिया का बड़ा कारोबारी साझीदार है. मंगलवार के परीक्षण के बाद भी चीन कोरिया सीमा पर ट्रकों की लंबी कतार है जिनमें भर कर उत्तर कोरिया से सामान आता है. सीमावर्ती शहर डांनडोंग के रास्ते ही उत्तर कोरिया का 70 फीसदी व्यापार होता है. यहां रहने वाले व्यापारियों, टैक्सी ड्राइवरों और दूसरे लोगों का कहना है कि व्यापार में कोई कमी नहीं आयी है.
नाम ना बताने की शर्त पर चीन के एक व्यापारी ने बताया, "उत्तर कोरिया से आने वाला सामान सस्ता होता है इसलिए हम लोगों को चीनी सामानों की तुलना में सस्ती कीमत पर सामान दे पाते हैं." यहां उपहारों की एक दुकान में काम करने वाले कर्मचारी ने बताया, "बीते कई सालों से यहां व्यापार एक ही रफ्तार से चला आ रहा है." डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को आरोप लगाया कि चीन और उत्तर कोरिया के बीच व्यापार साल के पहली तिमाही में ही 40 फीसदी बढ़ गया है. हालांकि चीन ने इस साल फरवरी में उत्तर कोरिया से कोयले का आयात बंद कर दिया. उत्तर कोरिया से चीन का कुल आयात भी जनवरी के 20.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर से घट कर अप्रैल में 9.9 करोड़ डॉलर पर आ गया.
सालों तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय उत्तर कोरिया की सैन्य शक्ति को कम करके आंकता रहा. आईसीबीएम का परीक्षण कर उत्तर कोरिया ने जता दिया है कि उसकी क्षमता ताकतवर देशों के अनुमान से कहीं ज्यादा है.
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आईसीबीएम दूसरी बार
उत्तर कोरिया के सरकारी टीवी पर प्रसारित एक बयान में कहा गया कि उत्तर कोरिया ने एक नयी तरह की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का परीक्षण किया है जिसका नाम ह्वासोंग-15 है. उत्तर कोरिया का दावा है कि वह अमेरिका के किसी भी हिस्से में मार कर सकता है.
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बड़ी कामयाबी
इस साल जुलाई में उत्तर कोरिया ने पहली बार अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल यानी आईसीबीएम का परीक्षण किया. अमेरिका ने भी इसकी पुष्टि की. आईसीबीएम का परीक्षण उत्तर कोरिया के लिए बड़ी कामयाबी है. इसका एक मतलब ये भी है कि इलाके में अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ उत्तर कोरिया का तनाव बढ़ेगा खासतौर से जापान और दक्षिण कोरिया के साथ.
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आईसीबीएम का दम
रक्षा मामलों के जानकार कह रहे हैं कि उत्तर कोरिया ने जिस आइसीबीएम का परीक्षण किया है वो अलास्का और हवाई द्वीप तक जा सकता है. हालांकि ये सवाल अब भी है कि क्या उत्तर कोरिया परमाणु ताकत से लैस आईसीबीएम को तैनात कर सकता है. उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने यह जरूर कहा है कि जिस आईसीबीएम का परीक्षण किया गया वह "भारी और विशाल परमाणु हथियार" ले जाने में सक्षम है.
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उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण
आईसीबीएम को उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम की दिशा में बढ़ा एक और कदम कहा जा रहा है. पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण के साथ ही उत्तर कोरिया ने पांच बार परमाणु परीक्षण किये हैं. 2016 में ही दो बार परमाणु परीक्षण हुआ. उत्तर कोरिया का दावा है कि आखिरी बार जिसका परीक्षण हुआ उसे रॉकेट से जोड़ा जा सकता है.
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सेना की ताकत
तकरीबन सात लाख लोगों के सक्रिय दल के अतिरिक्त इसके पास 45 लाख लोगों की रिजर्व फोर्स भी है. इसके अलावा शासन कभी भी इसकी एक तिहाई आबादी को सेना में सेवाएं देने के लिये बुला सकती है. देश के हर पुरूष के लिए किसी न किसी तरह का सैन्य प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है और उन्हें किसी भी वक्त बुलाया जा सकता है.
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हथियारों का भंडार
साल 2016 के ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स के मुताबिक उत्तर कोरिया के पास शस्त्रों की कोई कमी नहीं है. इसके भंडार में 76 पनडुब्बी, 458 फाइटर एयरक्राफ्ट और 5025 लड़ाकू विमान और 50 लाख से अधिक सेना अधिकारी हैं. साल 2013 की इस तस्वीर में कोरियाई नेता किम जोंग उन रणनीतिक बलों को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ तैयार रहने के आदेश देते हुये नजर आ रहे हैं.
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शक्तिप्रदर्शन में नहीं पीछे
हर साल राजधानी प्योंगयांग में होने वाली सैन्य परेड में सैकड़ों-हजारों की संख्या में सैनिक और आम नागरिक हिस्सा लेते हैं. इस परेड या अन्य किसी ऐसी रैली की तैयारी महीनों पहले शुरू कर दी जाती है. आमतौर पर ये परेड किम जोंग उन के परिवार या पार्टी के किसी सदस्य की सालगिरह के मौके पर होती है.
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नहीं किसी की परवाह
अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दवाब और विरोध के बावजूद प्योंगयांग ने कभी परमाणु हथियारों को लेकर अपनी मंशाओं और महत्वाकांक्षाओं को नहीं छुपाया. बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण के अलावा उत्तर कोरिया ने पांच बार परमाणु परीक्षण भी किया है. इनमें से दो परीक्षण 2016 में किये. उत्तर कोरिया का दावा है कि उसने जिस आखिरी मिसाइल का परीक्षण किया है उसे रॉकेट के जरिये भी दागा जा सकता है.
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दुश्मन बना जमाना
अमेरिका और उत्तर कोरिया की शत्रुता किसी से नहीं छिपी. लेकिन पड़ोस में भी इसके शत्रु कुछ कम नहीं. प्योंगयांग अपने पड़ोसी दक्षिण कोरिया और जापान को भी अपना बड़ा दुश्मन मानता है. उत्तर कोरियाई शासन इस क्षेत्र में अमेरिका के सैन्य अभ्यास को उसके खिलाफ एक साजिश बताता है. इसका दावा है कि अमेरिका, उत्तर कोरिया को निशाना बनाना चाहता है.
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धीरज खोता अमेरिका
अमेरिका ने भी अपने कार्ल विल्सन विमान वाहक पोत को कोरियाई प्रायद्वीप में भेज कर संदेश दे दिया है कि वह उत्तर कोरिया के प्रति सावधानी बरत रहा है. जवाब में उत्तर कोरिया ने कहा कि वह अमेरिका के किसी भी तरह के हमले का जवाब देने को तैयार है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक उत्तर कोरिया अगले दो सालों में अमेरिका पर हमला करने की हालत में हो सकता है.
एए/आरपी
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इस बीच, चीन ने एक बार फिर अमेरिका से उत्तर कोरिया के परीक्षणों पर रोक लगाने के बदले दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को रोकने की बात कही. अमेरिका ने इस मांग को खारिज कर दिया है. गुरुवार को दक्षिण कोरियाई लड़ाकू विमानों और नौसैनिक जहाजों से कई मिसाइलें अभ्यास के तहत दागी गयीं. दक्षिण कोरियाई नौसेना का कहना है कि इस अभ्यास में 15 जहाजों ने हिस्सा लिया जिसमें हैलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों के साथ 32000 टन का विध्वंसक जहाज भी शामिल था. मंगलवार के परीक्षण के बाद उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने कहा कि वह अपने हथियार कार्यक्रम पर कोई बातचीत नहीं करेंगे.