यूरोप घूमने आने वाले वेजीटेरियन लोगों के मन कई बार यह बात आती होगी कि पता नहीं वहां शाकाहारी खाना मिलेगा या नहीं. लेकिन अब कोई समस्या नहीं है.
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यूरोप में शाकाहारी ही नहीं ऐसे शुद्ध वीगन खाने की भी यहां कोई कमी नहीं है, जिनमें जानवरों से मिलने वाली किसी चीज का इस्तेमाल नहीं किया गया है. खुद को ट्रेंडी वीगन कहने वाले दो फैशन ब्लॉगर्स तो एक वीगन फास्ट फूड रेस्तरां चलाते हैं, जहां खूब भीड़ रहती है.
डैंडी डाइनर पूरी तरह से वीगन फास्ट फूड रेस्तरां है. इसकी शुरुआत दो फैशन ब्लॉगरों याकोब हाउप्ट और डाविड रोथ ने की. याकोब हाउप्ट कहते हैं, "आप खुद को पहनावे से दिखाते हैं, कि किस ब्रांड का कपड़ा पहन रहे हैं. और आप अपने को इससे दिखाते हैं कि आप क्या खा रहे हैं, क्या नहीं खा रहे हैं. खाने के मामले में वीगन होना इस समय मेगाट्रेंड बन है और अब हम वीगन फास्टफूड के राजा हैं."
जीवनशैली है वीगन होना, देखिए
जीवनशैली है वीगन होना
पश्चिमी देशों में कुछ साल पहले तक माहौल कुछ ऐसा था कि अगर आप कहें कि आप मांस नहीं खाते, तो आपको हैरत भरी नजरों से देखा जाता. पर अब यहां शाकाहारी ही नहीं, वीगन लोगों की भी तादाद बढ़ती जा रही है.
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चलन में
वीगन यानी वे लोग जो जानवरों से लिया कुछ भी नहीं खाते. सिर्फ मीट या अंडा ही नहीं, वे दूध और दही से भी दूर रहते हैं. कुछ साल पहले तक पशु उत्पादों को पूरी तरह नकारने वाले लोगों को यूरोप में सिरफिरा समझा जाता था, पर अब यह चलन में है.
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सेक्सी विकल्प
वीगन लोकप्रियता की एक वजह यह है कि वह मेनस्ट्रीम होता जा रहा है. इसमें माइक टायसन और ग्विनेथ पैल्ट्रो जैसे सितारों के प्रचार का भी योगदान है. जर्मन शेफ अटिला हिल्डमन जाने माने वीगन हैं. उनकी वीगन कुक बुक की 3,00,000 प्रतियां बिक चुकी हैं.
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फिट भी, फिगर भी
'वीगन फॉर फिट' नाम की हिल्डमन की किताब जर्मनी की बेस्ट सेलर सूची में शामिल है. उन्होंने किताब में वीगन बन कर वजन कम करने के टिप्स दिए हैं. वीगन आंदोलन के तेजी से बढ़ने के साथ इन किताबों के लिए नया बाजार खुला है.
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औद्योगिक पशुपालन का विरोध
आहार के लिए जानवरों की जान लेना वीगन गलत समझते हैं. वे ना सिर्फ जानवरों को बचना चाहते हैं, बल्कि पर्यावरण की भी रक्षा करना चाहते हैं. वीगन होना केवल स्वास्थ्य से ही नहीं जुड़ा है, बल्कि यह एक जीवनशैली है. जर्मनी में करीब 6,00,000 वीगन हैं.
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शाकाहारी कबाब
सोया से बने कबाब, बिना दूध का चीज और कुत्ते बिल्लियों के लिए भी शाकाहारी चारा, बाजार में ये सब उपलब्ध है. कभी जर्मनी में शाकाहारी चीजें मिलना मुश्किल था, पर इस बीच वीगन खाना भी आसानी से मिल जाता है. देश भर में कई वीगन दुकानें और रेस्तरां खुल गए हैं.
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दुनिया भर में
सिर्फ जर्मनी में ही नहीं, यह चलन दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है. खास तौर से ब्रिटेन और अमेरिका में वीगन लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है. इसके अलावा ब्राजील और बहुत से एशियाई देशों में बौद्ध संप्रदाय के लोगों में भी इसका चलन है.
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खुल रहे हैं वीगन रेस्तरां
सिर्फ नई दुकानें ही नहीं खुल रहीं, रेस्तरां में भी लजीज वीगन खाने का लुत्फ उठाया जा सकता है. इस बार म्यूनिख के मशहूर अक्टूबर फेस्ट में भी वीगन खाने की धूम रही. चिकन की जगह सोया से बने कबाब और यहां तक कि वीगन वाइन भी मेन्यू कार्ड का हिस्सा थे.
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कितना स्वस्थ?
क्या वीगन खाना आम खाने के मुकाबले ज्यादा स्वस्थ विकल्प है, इस बारे में वैज्ञानिक अभी एकमत नहीं हो पाए हैं. इतना जरूर देखा गया है कि वीगन लोगों में डायबटीज टाइप टू होने की संभावना काफी कम है. वीगन की ही तरह जर्मनी में ऑर्गेनिक खाने का भी खूब चलन है.
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केक से दूर
वीगन खाने में कई तरह के विकल्प हैं. लेकिन केक या ब्रेड बटर के शौकीनों को वीगन से दूर ही रहना होगा.
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ट्रेंड्स के लिए अपनी समझ को उन्होंने अपना बिजनेस मॉडल बना लिया. अपने वेबपेज पर वे सालों से मर्दों के फैशन पर ब्लॉग लिखते हैं. दोनों ही पशुओं से जुड़ी हर चीज से परहेज करते हैं. उनका फास्टफूड रेस्तरां इस समय पूरी तरह फैशन में है.
वीगन अर्थव्यवस्था इस समय जर्मनी में जोरों पर है. सोया की कॉफी और बगैर अंडे का केक बेचने वाले कॉफी हाउसों की बर्लिन में भरमार हो गई है. अब तो ऐसे कपड़ों की भी मांग बढ़ गई है जिसमें किसी भी तरह के पशु उत्पाद का इस्तेमाल नहीं हुआ है. चाहे वह बेल्ट हो या जूता. इनमें भी माइक्रोफाइबर का इस्तेमाल होता है. सर्विस सेक्टर ने भी इस ट्रेंड को अपना लिया है.
ये हैं शाकाहारी चैंपियन, देखिए
आन्या राइषर्ट ने वीगन लोगों के लिए पहला सैलून बनाने में हाथ बंटाया है. इस सैलून में कुर्सी और सोफे से लेकर साबुन, शैंपू और क्रीम किसी में पशु उत्पाद का इस्तेमाल नहीं हुआ है. राइषर्ट कहती हैं, "यदि आप किसी दूसरी जगह हों तो अक्सर पूछा जाता है कि शैम्पू में क्या है. ज्यादातर लोगों को कुछ पता नहीं है. वे भीगे बालों के साथ सैलून में जाते हैं, बाल कटवाते हैं और फिर चले जाते हैं. वे जब यहां आते हैं तो उन्हें पता होता है कि उनका वीगन ड्रिंक के साथ स्वागत होगा."
वीगन जिंदगी जीना पिछले सालों में बहुत आसान हो गया है. दुनिया के पहले वीगन सुपरमार्केट के रैक्स, वैकल्पिक मीट व मिल्क प्रोडक्ट से भरे पड़े हैं, सोया कर्ड से लेकर टोफू सलामी तक. पहली दुकान 2011 में खुली थी. अब यूरोप में दस दुकानें हैं.