14 सितंबर को हर साल हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है. लेकिन इसकी शुरुआत कहां से हुई? क्या वजह है कि इसी दिन को चुना गया? आइए इसके इतिहास को जानें.
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14 सितंबर 1949 को हिन्दी को भारत की आधिकारिक भाषा और देवनागरी को आधिकारिक लिपी के रूप में स्वीकारा गया. यही वजह है कि 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है. पिछले कुछ सालों से इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में कई तरह के समारोह भी होने लगे हैं.
यह सच है कि भारत की एक बड़ी आबादी हिन्दी में संवाद कर सकती है लेकिन आम धारणा के विपरीत हिन्दी को कभी राष्ट्र भाषा का दर्जा नहीं दिया गया. 1950 में जब संविधान लागू हुआ, तो उसमें हिन्दी के साथ साथ अंग्रेजी को भी आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया और राज्य सरकारों को राज्य की भाषाएं इस्तेमाल करने की अनुमति दी गयी.
उस समय कहा गया था कि संविधान बनने के 15 साल बाद अंग्रेजी से यह दर्जा छीन लिया जाएगा. भारत की लगभग 40 फीसदी आबादी हिन्दी बोलना जानती है. ऐसे में उसी को भविष्य में आधिकारिक भाषा के रूप में इस्तेमाल करने का विचार था. लेकिन दक्षिण भारत से इसका विरोध हुआ और 1963 में आधिकारिक भाषा अधिनियम लागू किया गया.
आज भारत में 23 आधिकारिक भाषाएं हैं. हिन्दी दुनिया भर में चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली जबान है. हिन्दी से पहली चीनी, स्पैनिश और अंग्रेजी का नंबर आता है. "किंकर्तव्यविमूढ़" को हिन्दी का सबसे कठिन शब्द माना जाता है.
हिंदी को आप कितना जानते हैं?
हिंदी भाषियों को हिंदी के बारे में बताना सूरज को दीपक दिखाने जैसा है. लेकिन फिर भी कई ऐसी बातें हो सकती हैं जो आप न जानते हों, डालते हैं इन्हीं पर एक नजर.
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कैसे मिला नाम
हिंदी को अपना नाम हिंद से मिला. 11वीं सदी में फारसी भाषी तुर्क हमलावरों ने सिंधु नदी के इलाके को हिंद नाम दिया था. और इस तरह हिंद में इलाके में बोलने वाली भाषा को नाम हिंदी पड़ा.
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पहली किताब
लल्लू लाल की ‘प्रेम सागर’ हिंदी की पहली प्रकाशित किताब मानी जाती है जो 1805 में छपी थी. इस किताब में हिंदू देवता कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया है.
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हिंदी बोलने वाले कितने?
हिंदी को अपनी प्रथम भाषा के तौर पर इस्तेमाल करने वालो की संख्या 42.5 करोड़ है जबकि 1.2 करोड़ लोग अपनी दूसरी भाषा के तौर पर हिंदी बोलते हैं और समझते हैं.
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भारत की सबसे प्रचलित भाषा
बहु भाषी भारत में बांग्ला, तेलुगु, तमिल, मराठी, उड़िया और गुजराती जैसी कई बड़ी भाषाएं हैं, लेकिन हिंदी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली भाषा है.
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हिंदी पट्टी
भारत के नौ राज्यों में हिंदी मुख्य भाषा है जिनमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान शामिल हैं.
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विदेशों में हिंदी
भारत के अलावा नेपाल, मॉरिशस, फिजी, सूरीनाम, गुयाना, त्रिनिडाड और टोबोगो में भी हिंदी बोलने समझने वालों की अच्छी खासी संख्या है.
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सरकारी दर्जा
भारत में हिंदी को राज भाषा का दर्जा मिला हुआ है. हालांकि बहुत सारा सरकारी कामकाज अंग्रेजी में होता है. करियर के लिहाज से अंग्रेजी को बहुत अहम माना जाता है.
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टेढ़ी हिंदी
उच्चारण के लिहाज किम्कर्तव्यविमूढ़ को हिंदी के सबसे मुश्किल शब्दों में गिना जाता है. वहीं ट्रेन को लोग लौहपथगामी और सिगरेट को धूम्रपान दंडिका कह लोग खूब चुटकी लेते हैं. वहीं कच्चा पापड़-पक्का पापड़ पर खूब जबान पलटे मारती है.
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मददगार हिंदी
हिंदी का उदगमम संस्कृत से हुआ है. हिंदी की जानकारी संस्कृत, उर्दू, नेपाली, बांग्ला और गुजराती जैसी दूसरी भाषाएं सीखने में मददगार होती है. यह भाषाएं या तो बोलने में हिंदी जैसी हैं यहां लिखने में.
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चर्चित मुहावरे
दुनिया की हर समृद्ध भाषा की तरह हिंदी में भी मुहावरों और कहावतों की भरमार है. लोगों की जुबान पर कर भला हो भला, जैसी करनी वैसी भरनी, जैसे को तैसा, बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद और बहती गंगा में हाथ धोना जैसे मुहावरे होते हैं.
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बॉलीवुड
दुनिया भर में बॉलीवुड फिल्मों की लोकप्रियता ने हिंदी को दुनिया के कोने कोने तक पहुंचाया है. यूरोप और अमेरिका की बहुत सी यूनिवर्सिटियों में हिंदी पढ़ाई जाती है.