जंगल की आग एक लाख लोगों को खा गई
इंडोनेशिया जंगल की आग को लेकर अकसर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में रहता है. इससे पूरे दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं होती हैं. 2016 में यहां भी लगी थी भीषण आग.
इंडोनेशिया जंगल की आग को लेकर अकसर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में रहता है. इससे पूरे दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं होती हैं.
तस्वीर: NASA/J. Schmaltzएक अध्ययन से पता चलता है कि इंडोनिशिया में पिछले साल गैर कानूनी तौर पर जंगल काटने और उन्हें जलाए जाने के कारण एक लाख लोग मारे गए हैं जबकि पांच लाख लोग बीमारी का शिकार हुए हैं.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/F. Handokoये अध्ययन अमेरिका की हावर्ड और कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने किया है. इसके मुताबिक जंगल की आग के कारण पिछले साल इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था को 16 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है.
तस्वीर: Getty Images/AFP/B. Ismoyoजंगल की आग से सीधे तौर पर प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या 15 करोड़ है जो इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर में रहते हैं.
तस्वीर: picture-alliance/dpa/S. Chinस्टडी रिपोर्ट के मुताबिक जंगल की आग के दुष्परिणामों के कारण इंडोनेशिया में 91,600 लोग मारे गए हैं जबकि मलेशिया में 6,500 और सिंगापुर में 2,200.
तस्वीर: Reuters/D. Whitesideनासा को गोडार्ड इंस्टीट्यूट से जुड़े पर्यावरण विज्ञानी रॉबर्ट फील्ड कहते हैं कि चौकाने वाली बात ये है कि ऐसी आग को रोकने के लिए सही समय पर सही कदम नहीं उठाए जाते हैं.
तस्वीर: Reuters/Antara Foto/J.H. Wuysangविश्व बैंक का कहना है कि 2015 में आग झेलने वाली 26 करोड़ हेक्टेयर की जमीन में एक तिहाई हिस्सा तेजी से आग पकड़ने वाले घास-फूस का था.
तस्वीर: Reuters/Antara/Nova Wahyudiविशेषज्ञों का कहना है कि आग की रोकथाम के लिए एक वॉर्निंग सिस्टम तैयार करना होगा. इंडोनेशिया की सरकारी एजेंसियों का कहा है कि वो इस दिशा में काम कर रही हैं.
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